सीजी भास्कर, 29 मई : छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले का एक छोटा सा शांत इलाका बम्हनीडीह (Bamhnidih Town Panchayat Election) अब सूबे की राजनीति का सबसे बड़ा राजनीतिक अखाड़ा बन चुका है? एक ऐसा इलाका जो कल तक सिर्फ एक ग्राम पंचायत हुआ करता था, आज जब वह पहली बार नगर पंचायत के रूप में अपनी खुद की सरकार चुनने जा रहा है, जहां बवंडर खड़ा हो गया है। यह आम चुनाव नहीं है, बल्कि यह दो दिग्गजों भाजपा और कांग्रेस की प्रतिष्ठा का वो अंतिम मुकाबला है जिसने रायपुर से लेकर दिल्ली तक के सियासी कप्तानों की नींद उड़ा दी है।
बम्हनीडीह में पहली बार नगर पंचायत के अध्यक्ष और सभी 15 पार्षद पदों के लिए होने जा रहे इस ऐतिहासिक महामुकाबले में सस्पेंस इस बात को लेकर गहरा गया है कि जनता विकास के दावों पर मुहर लगाएगी या भ्रष्टाचार के आरोपों पर। इस पहले और ऐतिहासिक बम्हनीडीह नगर पंचायत चुनाव (Bamhnidih Town Panchayat Election) को फतह करने के लिए भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दलों ने अपनी पूरी सल्तनत और ताकत झोंक दी है।
गजब का सस्पेंस तो यह है कि महज 4,300 मतदाताओं वाले इस छोटे से नगर में वोटरों को रिझाने के लिए पूर्व मुख्यमंत्रियों से लेकर मौजूदा उपमुख्यमंत्रियों और आधा दर्जन विधायकों की फौज जमीन पर उतार दी गई है। 1 जून को होने वाले इस बेहद कड़े और आक्रामक मतदान के लिए उलटी गिनती शुरू हो चुकी है, और बम्हनीडीह की गलियों में बहने वाली हवा भी अब सियासी बारूद से महकने लगी है। विकास, अंदरूनी गुटबाजी, भ्रष्टाचार और स्थानीय मुद्दों को लेकर दोनों ही खेमों के बीच छिड़ी आक्रामक जुबानी जंग ने तापमान को 46 डिग्री से भी ऊपर पहुंचा दिया है।
जारी होगा विकास का ‘मास्टर स्ट्रोक’ घोषणा पत्र
भाजपा ने इस नवगठित नगर पंचायत की सत्ता पर काबिज होने के लिए एक ऐसा चक्रव्यूह तैयार किया है जिसे भेद पाना कांग्रेस के लिए लोहे के चने चबाने जैसा होगा। इस चुनाव प्रचार को धारदार और आक्रामक बनाने के लिए खुद सूबे के उपमुख्यमंत्री अरुण साव शुक्रवार को बम्हनीडीह की धरती पर कदम रखने जा रहे हैं। वे बम्हनीडीह के प्रसिद्ध बाजार चौक में आयोजित एक विशाल और ऐतिहासिक चुनावी सभा को संबोधित करेंगे। इस बेहद महत्वपूर्ण और हाई-प्रोफाइल सभा के दौरान उपमुख्यमंत्री बम्हनीडीह के भविष्य को बदलने वाला और भाजपा का बहुप्रतीक्षित चुनावी घोषणा पत्र भी लाइव जनता के सामने जारी करेंगे। भाजपा के रणनीतिकारों का दावा है कि इस घोषणा पत्र में बम्हनीडीह को एक आधुनिक शहर बनाने का पूरा ब्लूप्रिंट छिपा हुआ है।
इस हाई-प्रोफाइल बम्हनीडीह नगर पंचायत चुनाव (Bamhnidih Town Panchayat Election) के प्रभारी और कैबिनेट मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने विपक्ष पर तीखा हमला बोलते हुए साफ कर दिया है कि भाजपा केवल हवा-हवाई बातें नहीं करती। उन्होंने कड़े तेवर दिखाते हुए media से कहा कि भाजपा अध्यक्ष और सभी 15 पार्षद प्रत्याशियों की शानदार जीत के बाद इस नवनिर्मित नगर के चौतरफा विकास की एक विस्तृत और ऐतिहासिक रूपरेखा जनता के हाथों में सौंप दी जाएगी। भाजपा ने इस स्थानीय रणभूमि में बुनियादी विकास, चमचमाती पक्की सड़कें, शुद्ध पेयजल और हर नागरिक तक मूलभूत सरकारी सुविधाओं को पहुंचाने को ही अपना सबसे बड़ा और कड़ा चुनावी हथियार बनाया है।
भूपेश बघेल के साथ पांच विधायकों ने डाला डेरा
दूसरी तरफ, कांग्रेस भी इस पहले और ऐतिहासिक चुनाव को किसी भी कीमत पर हाथ से जाने नहीं देना चाहती। कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व ने इस छोटे से चुनाव में अपनी पूरी ताकत और साख दांव पर लगा दी है। बम्हनीडीह के इस दंगल में सक्ति और जांजगीर-चांपा जिले के पांच-पांच कद्दावर विधायकों की पूरी फौज के साथ खुद पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने धूलभरी आंधियों के बीच जमीन पर उतरकर आक्रामक चुनाव प्रचार किया है। कांग्रेस समर्थित प्रत्याशियों के पक्ष में माहौल बनाने के लिए पार्टी रात-दिन एक कर रही है और हर एक वार्ड में सघन जनसंपर्क के जरिए वोटरों के दिलों में जगह बनाने की कोशिश जारी है।
राजनीति के चतुर खिलाड़ी और पूर्व राजस्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने इस बम्हनीडीह नगर पंचायत चुनाव (Bamhnidih Town Panchayat Election) को अपने पक्ष में मोड़ने के लिए देर रात कूटनीतिक और सामाजिक बैठकों का एक लंबा दौर चलाया। उन्होंने बंद कमरों में विभिन्न समाजों के प्रमुखों से मुलाकात कर कांग्रेस समर्थित प्रत्याशियों को भारी बहुमत से जिताने की भावुक और आक्रामक अपील की। जयसिंह अग्रवाल ने केंद्र और राज्य की भाजपा सरकार पर चौतरफा हमला बोलते हुए कड़े शब्दों में कहा कि प्रदेश में डबल इंजन की सरकार होने के बावजूद आज पूरा देश और छत्तीसगढ़ रिकॉर्डतोड़ महंगाई, चरम पर पहुंचे भ्रष्टाचार और प्रशासनिक आतंक के खौफनाक माहौल में जीने को मजबूर है।
भ्रष्टाचार और सनातन के सम्मान पर खूनी वैचारिक जंग
जैसे-जैसे मतदान की तारीख यानी 1 जून करीब आ रही है, तहां बम्हनीडीह की सियासत में करप्शन और सनातन के सम्मान को लेकर एक बेहद आक्रामक और तीखी वैचारिक जंग छिड़ गई है। पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने बिना लाग-लपेट के सीधे रमन सिंह की तत्कालीन सरकार से लेकर मौजूदा साय सरकार पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप जड़ दिए। उन्होंने दहाड़ते हुए कहा कि डॉ. रमन सिंह के 15 साल के कार्यकाल की तुलना में वर्तमान साय सरकार के महज ढाई साल के इस छोटे से कार्यकाल में ही भ्रष्टाचार अपनी सारी सीमाएं लांघकर चरम पर पहुंच गया है, जिससे आम जनता और गरीब किसान त्रस्त हो चुके हैं।
इस आक्रामक आरोप पर बम्हनीडीह नगर पंचायत चुनाव (Bamhnidih Town Panchayat Election) के रणनीतिकार और मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने भी पलक झपकते ही कांग्रेस पर एक बड़ा और बेहद संवेदनशील पलटवार किया है। उन्होंने सीधे तौर पर कांग्रेस के डीएनए पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि कांग्रेस के बड़े नेताओं ने हमेशा से ही संत समाज, साधु-संतों और सनातन संस्कृति का सरेआम घोर अपमान किया है। कांग्रेस ने हमेशा केवल एक वर्ग विशेष को खुश करने की तुष्टिकरण की गंदी राजनीति की है। मंत्री ने बेहद तल्ख लहजे में कहा कि बम्हनीडीह की यह सुशिक्षित और सनातनी जनता जगतगुरु रामभद्राचार्य और बागेश्वर धाम के धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के खिलाफ अमर्यादित टिप्पणी करने वाले कांग्रेसी नेताओं को इस 1 जून को ईवीएम का बटन दबाकर ऐसा करारा जवाब देगी जिसे वे जिंदगी भर नहीं भूल पाएंगे।
1 जून को जनता लिखेगी बम्हनीडीह का भविष्य
इस बेहद आक्रामक और हाई-वोल्टेज राजनीतिक ड्रामे के कारण बम्हनीडीह और उसके आसपास के पूरे ग्रामीण इलाकों का राजनीतिक पारा पूरी तरह से उबल रहा है। इस नवगठित बम्हनीडीह नगर पंचायत चुनाव (Bamhnidih Town Panchayat Election) को लेकर दोनों ही प्रमुख दल मतदाताओं को अपने पाले में खींचने के लिए हर संभव साम-दाम-दंड-भेद का इस्तेमाल कर रहे हैं। लगातार होती जनसभाएं, आतिशबाजी, ढोल-नगाड़े और देर रात तक चलने वाली गुप्त रणनीतिक बैठकों ने बम्हनीडीह को एक बड़े कुरुक्षेत्र में बदल दिया है।
स्थानीय विश्लेषकों का मानना है कि इस नवगठित बम्हनीडीह नगर पंचायत चुनाव (Bamhnidih Town Panchayat Election) में जीत और हार का अंतर बेहद कम रहने वाला है। क्योंकि यह पहली बार है जब यहां की जनता ग्राम पंचायत की बंदिशों से निकलकर एक आधुनिक नगर सरकार चुनने जा रही है। हर एक वार्ड का चुनावी समीकरण पल-पल बदल रहा है और सस्पेंस इस बात को लेकर अपने चरम पर पहुंच गया है कि आखिर बम्हनीडीह का पहला ऐतिहासिक ‘नगर पंचायत अध्यक्ष’ कौन बनेगा? अब सूबे के सभी राजनीतिक पंडितों, नेताओं और आम जनता की निगाहें सिर्फ और सिर्फ 1 जून को होने वाले आक्रामक मतदान और उसके बाद आने वाले चौंकाने वाले नतीजों पर टिक गई हैं। इस बम्हनीडीह नगर पंचायत चुनाव (Bamhnidih Town Panchayat Election) का जो भी परिणाम आएगा, वह भविष्य में छत्तीसगढ़ की स्थानीय राजनीति की एक नई और मुकम्मल दिशा तय करेगा।




