सीजी भास्कर, 8 सितम्बर |
धमतरी से रोज़ 200 हाइवा रेत लेकर रायपुर पहुंच रही है
छत्तीसगढ़ सरकार ने 10 जून से 15 अक्टूबर तक रेत खनन पर रोक लगा रखी है। लेकिन जमीनी हकीकत बिल्कुल उलट है। राजधानी रायपुर से महज 50 किलोमीटर दूर धमतरी जिले की पैरी नदी और महानदी घाटों से हर रात भारी पैमाने पर अवैध रेत खनन हो रहा है।
कैसे चल रहा पूरा खेल?
- रात 10 बजे के बाद पोकलेन मशीनें नदी में उतारी जाती हैं।
- मशीनें महज़ 7 मिनट में एक हाइवा रेत से भर देती हैं।
- हर रात करीब 200 हाइवा रेत रायपुर भेजी जाती है।
- रेत कारोबारी बुडेनी घाट पर 10 हजार घनमीटर का स्टॉक रख चुके हैं।
प्रशासन पर सवाल
धमतरी से रायपुर तक इन वाहनों को गुजरना होता है—कई चौक-चौराहों, थानों और बैरियर्स से होकर। इसके बावजूद कोई रोक-टोक नहीं होती। सवाल उठ रहा है कि क्या प्रशासन की नज़र बंद है या सांठगांठ से पूरा खेल चल रहा है?
जमीनी पड़ताल
31 अगस्त की रात रिपोर्टिंग टीम ने एक हाइवा का पीछा किया।
- हाइवा ने पहले अभनपुर के पास ड्राइवरों से कॉल मिलते ही रफ्तार पकड़ी।
- 25 किमी तक पीछा करने के बाद गोबरा नवापारा इलाके में वह चकमा देकर निकल गया।
- तड़के 3:30 बजे वही हाइवा रायपुर की ओर रेत से लदा दिखा।
6 पॉइंट में अवैध खनन की पूरी कहानी
- रायपुर से हाइवा रात 8 बजे से अभनपुर पहुंचते हैं।
- वहां से नवापारा होते हुए राजिम पहुंचते हैं।
- अंधेरे में घाट तक जाते हैं और कॉल मिलते ही रेत भरते हैं।
- 5-7 मिनट के अंतराल पर 2-3 वाहन निकलते हैं।
- ये वाहन नवापारा–अभनपुर–नवा रायपुर के रास्ते रायपुर पहुंचते हैं।
- रायपुर के आसपास अवैध भंडारण कर रेत सप्लाई की जाती है।
अफसरों की दलील
खनन विभाग और जिला प्रशासन का कहना है कि “फिलहाल नदी से सीधे रेत नहीं निकाली जा रही, बल्कि स्टॉक से सप्लाई हो रही है। अगर नदी से खनन की पुष्टि हुई तो कार्रवाई की जाएगी।”





