रायपुर।
छत्तीसगढ़ के शासकीय स्कूलों में हो रही व्यावसायिक शिक्षक भर्ती पर अब बड़ा ब्रेक लगा है। समग्र शिक्षा विभाग ने व्यावसायिक प्रशिक्षकों (Vocational Trainers) की भर्ती पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। इस भर्ती को लेकर लगातार घोटाले और पैसों की वसूली के आरोप सामने आ रहे थे। अब पूरे मामले में लगभग 20 करोड़ रुपये की अवैध वसूली का संदेह गहराता जा रहा है।
क्या है पूरा मामला?
राज्य के सरकारी स्कूलों में हेल्थकेयर, आईटी, ब्यूटी एंड वेलनेस, प्लंबर आदि ट्रेड्स में व्यावसायिक शिक्षकों की नियुक्ति ठेका कंपनियों के माध्यम से की जा रही थी। लेकिन शिकायतें मिलीं कि इन नियुक्तियों के लिए दो से तीन लाख रुपए तक की रिश्वत ली गई।
NSUI, नर्सिंग यूनियन, और कई छात्रों ने आरोप लगाया कि नियुक्ति पूरी तरह से पैसे लेकर की गई, बिना परीक्षा, मेरिट या पारदर्शी प्रक्रिया के। यहां तक कि कोविड योद्धाओं को मिलने वाले 10% बोनस अंक का भी कोई लाभ नहीं दिया गया।
जांच और खुलासे
घोटाले की शिकायत मिलते ही समग्र शिक्षा मिशन ने तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित की।
जांच के बाद अब विभाग ने आदेश जारी कर दिया है कि छह ठेका कंपनियों द्वारा नियुक्त किसी भी शिक्षक को स्कूलों में कार्यभार ग्रहण नहीं कराया जाए।
इन कंपनियों को मिली रोक
- AISECT Ltd., भोपाल
- Indus Pvt. Ltd., मुंबई
- Learning Skill Ltd., नई दिल्ली
- Gram Tarang Training Services Pvt. Ltd.
- Skill Tree Ltd., मुंबई
- NITCON, चंडीगढ़
इन सभी कंपनियों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने नियुक्त शिक्षकों की जॉइनिंग रोकें और आगामी आदेश तक कोई कार्यभार न सौंपें।
आरोप क्या हैं?
- 1500 से ज्यादा पदों के लिए रेट कार्ड तय था
- बिना परीक्षा और चयन प्रक्रिया के सीधी नियुक्ति पैसों के आधार पर
- नवंबर 2024 से ही घोटाले का नेटवर्क सक्रिय था
- कुछ कंपनियों को पिछले वर्षों में भी अतिरिक्त भुगतान पर जांच का सामना करना पड़ा
- जॉइनिंग ऑर्डर बिना परीक्षण या प्रक्रिया के एक हफ्ते में जारी किए गए
जिम्मेदारी तय नहीं?
जांच रिपोर्ट में यह तो साफ है कि वसूली की गई, लेकिन किसने की – यह सवाल अब भी अनुत्तरित है।
समग्र शिक्षा मिशन का पूरा ढांचा इस वक्त संदेह के घेरे में है।
डीके कौशिक, प्रभारी प्रबंध संचालक, समग्र शिक्षा ने बयान जारी कर कहा कि “प्राथमिक जांच में कई गंभीर बातें सामने आई हैं। अब जब तक पूरी सच्चाई सामने नहीं आती, कोई शिक्षक कार्यभार ग्रहण नहीं करेगा।“





