सीजी भास्कर, 27 सितंबर। उत्तर प्रदेश के बरेली (Bareilly Violence Update) में जुमे की नमाज़ के बाद भड़की हिंसा को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का कड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने साफ कहा कि एक मौलाना भूल गया था कि राज्य में सत्ता किसकी है। उसे लगा कि वह जब चाहे व्यवस्था को ठप कर सकता है, लेकिन हमने दिखा दिया कि नाकाबंदी नहीं होगी और न ही कर्फ्यू लगेगा।
सीएम योगी ने कहा कि हमने जो सबक सिखाया है, उससे आने वाली पीढ़ियां दंगे करने से पहले दो बार सोचेंगी। उनका कहना था कि 2017 से पहले प्रदेश में यही रिवाज था कि दंगे होते ही कर्फ्यू लगाना पड़ता था, लेकिन हमारी सरकार आने के बाद हालात बदले। आज यूपी बिना कर्फ्यू लगाए भी दंगाइयों पर काबू पा सकता है, और यही प्रदेश के विकास की असली कहानी है।
पिछली सरकारों पर निशाना
सीएम ने पुराने दौर को याद करते हुए कहा कि पहले सत्ता दंगाइयों को मुख्यमंत्री आवास (Bareilly Violence Update) में बुलाकर उनका सम्मान करती थी। अपराधियों और माफियाओं के आगे सरकार नतमस्तक रहती थी। यहां तक कि माफियाओं के कुत्तों तक से हाथ मिलाने को गौरव समझा जाता था। लेकिन अब हालात बदल चुके हैं और उत्तर प्रदेश किसी भी कीमत पर दंगाइयों को बख्शने वाला नहीं है।
मौलाना तौकीर रज़ा हिरासत में
बरेली में हुई हिंसा ‘आई लव मोहम्मद’ के समर्थन में हुए प्रदर्शन के दौरान भड़की थी। इसमें पथराव, तोड़फोड़ और पुलिस पर फायरिंग की गई। इस मामले में पुलिस ने इत्तेहाद-ए-मिल्लत काउंसिल (IMC) प्रमुख मौलाना तौकीर रज़ा को हिरासत में लिया है। पहले उन्हें हाउस अरेस्ट किया गया और बाद में पूछताछ के लिए अलग स्थान पर ले जाया गया। उनके मोबाइल फोन और समर्थकों के कॉल डिटेल्स की जांच हो रही है, ताकि हिंसा में उनकी भूमिका स्पष्ट हो सके।
दर्ज हुए मुकदमे और गिरफ्तारियां
पुलिस ने अब तक 1700 अज्ञात और कुछ नामजद लोगों पर 10 एफआईआर दर्ज की हैं। इस हिंसा में शामिल 39 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। मुख्यमंत्री ने शुक्रवार रात ही अधिकारियों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (Bareilly Violence Update) के जरिए सख्त निर्देश दिए थे कि किसी भी दंगाई को बख्शा न जाए। फिलहाल संभावना है कि पुलिस जल्द ही मौलाना तौकीर रज़ा की औपचारिक गिरफ्तारी दिखा सकती है।


