सीजी भास्कर 24 फ़रवरी साय सरकार के तीसरे बजट में बस्तर को लेकर बड़ा और सीधा संदेश दिया गया है। (Bastar Education Hub Budget) के तहत अबूझमाड़ और जगरगुंडा जैसे इलाकों में दो एजुकेशन सिटी की मंजूरी दी गई है, जिससे नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शिक्षा की पहुंच मजबूत होगी। इसके लिए 100 करोड़ रुपये का प्रावधान रखा गया है, जिससे स्थानीय युवाओं को अपने ही क्षेत्र में पढ़ाई के बेहतर अवसर मिलेंगे।
इंद्रावती बैराज से कृषि और रोजगार को मिलेगा सहारा
बस्तर में बहने वाली इंद्रावती नदी पर बैराज निर्माण के लिए 2400 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। (Indravati Barrage Project) से सिंचाई क्षमता बढ़ेगी, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी और रोजगार के नए मौके बनेंगे। सरकार का मानना है कि पानी की उपलब्धता बढ़ने से खेती के साथ-साथ स्थानीय उद्योगों को भी बल मिलेगा।
पर्यटन और होम-स्टे से खुलेगा रोजगार का रास्ता
बस्तर में होम-स्टे योजना के लिए 10 करोड़ रुपये और सरगुजा अंचल के मैनपाट में पर्यटन विकास के लिए 5 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। (Tribal Tourism Push) का मकसद स्थानीय संस्कृति, प्राकृतिक सौंदर्य और आजीविका को एक साथ आगे बढ़ाना है। इससे छोटे व्यवसाय, गाइड सेवा और ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
स्वास्थ्य और मेडिकल कॉलेज से मजबूत होगा इंफ्रास्ट्रक्चर
बस्तर, सरगुजा और दंतेवाड़ा में मेडिकल कॉलेज संचालन के लिए 50 करोड़ रुपये तय किए गए हैं। साथ ही चिकित्सकों की भर्ती के जरिए स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर करने का रोडमैप रखा गया है। (Healthcare Expansion Plan) के तहत दूर-दराज के इलाकों में इलाज की उपलब्धता बढ़ेगी, जिससे मरीजों को बड़े शहरों की ओर पलायन नहीं करना पड़ेगा।
क्षेत्रीय विकास प्राधिकरण को नई रफ्तार
बस्तर और सरगुजा विकास प्राधिकरण के लिए 75 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इस फंड से सड़कों, बिजली, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे बुनियादी ढांचे पर फोकस रहेगा। (Regional Development Drive) का लक्ष्य है कि नक्सल प्रभावित इलाकों को मुख्यधारा के विकास से जोड़ा जाए और युवाओं के लिए स्थायी अवसर तैयार किए जाएं।






