सीजी भास्कर, 28 अगस्त : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बस्तर संभाग के (Bastar Flood Relief) बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के प्रत्येक परिवार तक हर संभव मदद पहुँचाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि बाढ़ प्रभावित परिवारों की पीड़ा को शीघ्र कम करना प्रशासन की सर्वोच्च जिम्मेदारी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि लोगों को यह महसूस होना चाहिए कि संकट की इस घड़ी में प्रशासन उनके साथ मजबूती से खड़ा है।
मुख्यमंत्री ने आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बस्तर, दंतेवाड़ा, बीजापुर और सुकमा जिलों के कलेक्टरों व वरिष्ठ अधिकारियों से राहत एवं पुनर्वास कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने स्पष्ट कहा कि जनहानि और पशुहानि झेलने वाले परिवारों को राहत राशि बिना विलंब के दी जाए। क्षतिग्रस्त आवासों के सुधार हेतु तिरपाल, बाँस-बल्ली और राहत सामग्री का वितरण प्राथमिकता से करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि बाढ़ प्रभावित जिलों के प्रभारी सचिव अपने-अपने जिलों का सतत भ्रमण कर राहत कार्यों का पर्यवेक्षण सुनिश्चित करें।
मुख्यमंत्री ने सड़क संपर्क बहाली, क्षतिग्रस्त पुल-पुलियों की मरम्मत और बिजली आपूर्ति को युद्धस्तर पर दुरुस्त करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बस्तर जैसे संवेदनशील क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं की शीघ्र बहाली ही राहत कार्यों की सफलता की कुंजी है।
समीक्षा बैठक में मुख्य सचिव अमिताभ जैन और मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह भी उपस्थित थे। मुख्य सचिव ने कलेक्टरों से कहा कि यदि उन्हें शासन स्तर से अतिरिक्त सहयोग की आवश्यकता हो तो वे तुरंत प्रस्ताव भेजें। प्रमुख सचिव ने कलेक्टरों को निर्देशित किया कि राहत शिविरों में भोजन, कपड़े और सूखा राशन की पर्याप्त व्यवस्था हो। साथ ही, स्वास्थ्य शिविर और शुद्ध पेयजल की उपलब्धता को भी प्राथमिकता दी जाए।
बैठक के प्रारंभ में राजस्व सचिव रीना बाबासाहेब कंगाले ने बस्तर में बाढ़ की स्थिति और अब तक किए गए कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सभी बाढ़ प्रभावित जिलों को अतिरिक्त राशन का आबंटन कर दिया गया है और सामग्री प्रभावित परिवारों तक पहुँचाई जा रही है। इसके बाद मुख्यमंत्री ने चारों जिलों के कलेक्टरों से सीधा संवाद कर चल रहे राहत एवं पुनर्वास कार्यों की प्रगति के बारे में जानकारी ली। कलेक्टरों ने बताया कि अधिकांश बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों में पानी उतरने लगा है और स्थिति नियंत्रण में है। समीक्षा बैठक में लोक निर्माण विभाग के सचिव कमलप्रीत सिंह, बस्तर संभाग के आयुक्त डोमन सिंह और पुलिस महानिरीक्षक पी. सुन्दरराज भी उपस्थित रहे। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि वर्तमान में पूरा ध्यान (Bastar Flood Relief) कार्यों को गति देने और प्रभावित परिवारों को शीघ्र राहत पहुँचाने पर केंद्रित है।