सीजी भास्कर, 25 अक्टूबर। बस्तर दौरे पर पहुंचे गृहमंत्री और उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा (Bastar Maoist Surrender 2025) ने कहा कि जो माओवादी हिंसा छोड़कर मुख्यधारा में लौटते हैं, वे ‘गद्दार’ नहीं हैं। असली गद्दार वे हैं जो हथियार उठाकर निर्दोषों की हत्या करते हैं और देश के खिलाफ हिंसा फैलाते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ऐसे आत्मसमर्पित माओवादी नेताओं का स्वागत लाल कालीन बिछाकर करेगी और उनके पुनर्वास के लिए हर संभव व्यवस्था करेगी।
‘लाल आतंक अब खत्म होने के करीब’
गृहमंत्री शर्मा ने कहा कि बीते वर्षों में माओवादी हिंसा में कमी आई है और अब “लाल आतंक अपने अंत की ओर है।” उन्होंने कहा कि सुरक्षा बलों के साहस और जनता के सहयोग से बस्तर में शांति स्थापित हो रही है। आत्मसमर्पण करने वाले माओवादी न केवल अपनी, बल्कि सैकड़ों निर्दोषों की जिंदगी बचा रहे हैं।
माओवादी संगठन में मचा असंतोष, 271 ने किया आत्मसमर्पण
यह बयान उस समय आया है जब माओवादी केंद्रीय समिति की ओर से दो दिन पहले प्रवक्ता अभय के नाम से एक पत्र जारी हुआ था। उस पत्र में संगठन ने पोलित ब्यूरो सदस्य और केंद्रीय क्षेत्रीय ब्यूरो सचिव सोनू उर्फ भूपति, केंद्रीय समिति सदस्य रूपेश उर्फ सतीश, समेत 271 माओवादियों के आत्मसमर्पण को “गद्दारी” करार दिया था। पत्र में लिखा गया था कि आत्मसमर्पण करने वाले वरिष्ठ नेताओं की वजह से दंडकारण्य जोन और देशभर में संगठन कमजोर हुआ है। माओवादी केंद्रीय समिति ने शेष कैडरों और समर्थकों से “एकजुट होकर आंदोलन पुनर्गठित करने” की अपील की थी।
हिंसा छोड़ो, जीवन अपनाओ
गृहमंत्री शर्मा (Bastar Maoist Surrender 2025) ने कहा कि जो भी माओवादी हथियार छोड़कर समाज में लौटेंगे, सरकार उनके पुनर्वास की जिम्मेदारी लेगी। उन्होंने कहा, “अब यह लड़ाई बंदूक की नहीं, विकास की है। जो शांति की राह अपनाएगा, उसे शासन पूरी सुरक्षा और सम्मान देगा।”





