सीजी भास्कर, 16 अप्रैल : बस्तर की बहुप्रतीक्षित रावघाट-जगदलपुर रेल लाइन परियोजना (Bastar Rail Project) अब तेजी से जमीन पर उतरती नजर आ रही है। भारतीय रेल ने इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत दूसरा टेंडर जारी कर दिया है, जिससे निर्माण कार्य में रफ्तार आने की उम्मीद बढ़ गई है।
लंबे समय से इंतजार कर रहे बस्तरवासियों के लिए यह प्रोजेक्ट (Bastar Rail Project) एक बड़ी राहत साबित हो सकता है, क्योंकि इसके शुरू होने से क्षेत्र की यातायात व्यवस्था में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा।
बस्तर की ‘लाइफलाइन’ बनेगी रेल लाइन
रावघाट-जगदलपुर रेल लाइन (Bastar Rail Project) को बस्तर के विकास की लाइफलाइन माना जा रहा है। इससे यात्री परिवहन, व्यापार और खनिज परिवहन को बड़ा बढ़ावा मिलेगा। यह परियोजना न केवल यात्रा को आसान बनाएगी, बल्कि खनिज संपदा के परिवहन, व्यापारिक गतिविधियों और औद्योगिक विकास को भी नई दिशा देगी।
रेल कनेक्टिविटी मजबूत होने से बस्तर के दूरस्थ और आदिवासी क्षेत्रों को देश की मुख्यधारा से जोड़ने में मदद मिलेगी। इससे रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे और स्थानीय व्यापार के साथ पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।
3513 करोड़ की मंजूरी, प्रोजेक्ट को मिली नई गति
भारतीय रेल द्वारा इस परियोजना (Bastar Rail Project) के लिए 3513.11 करोड़ रुपए की स्वीकृति दी गई है। लगभग 140 किलोमीटर लंबी यह रेल लाइन क्षेत्र के विकास में मील का पत्थर साबित हो सकती है। यह रेल लाइन बस्तर के दूरस्थ इलाकों को देश के मुख्य रेल नेटवर्क से जोड़ेगी, जिससे सामाजिक और आर्थिक गतिविधियों को नई रफ्तार मिलेगी।
98 करोड़ का टेंडर जारी
इस परियोजना (Bastar Rail Project) के तहत करीब 98.49 करोड़ रुपए की लागत से दूसरा टेंडर जारी किया गया है। इच्छुक एजेंसियां 8 मई 2026 तक आवेदन कर सकती हैं। टेंडर जारी होने के बाद अब परियोजना के कार्यों में तेजी आने की संभावना है। तय समयसीमा के अनुसार निर्माण कार्य को गति दी जाएगी, जिससे प्रोजेक्ट को समय पर पूरा किया जा सके।
पुल और ओवरब्रिज निर्माण के अहम काम
जारी निविदा के अनुसार इस रेल लाइन (Bastar Rail Project) के तहत एक बड़ा पुल, छह छोटे पुल और दो रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण किया जाएगा। इसके अलावा अन्य सहायक संरचनाओं का निर्माण भी किया जाएगा, ताकि रेल लाइन का संचालन सुचारू रूप से हो सके। इस तरह रावघाट-जगदलपुर रेल लाइन परियोजना बस्तर के विकास को नई दिशा देने वाली बड़ी पहल बनती जा रही है, जिससे आने वाले समय में क्षेत्र की तस्वीर बदलने की पूरी संभावना है।


