भिलाई के हथखोज इंडस्ट्रियल एरिया में (Bhilai Chemical Leak) ने अचानक हड़कंप मचा दिया, जब एक केमिकल फैक्ट्री में पिच ऑयल की लोडिंग के दौरान पाइपलाइन फट गई। तेज गर्म केमिकल जमीन पर फैल गया और हवा के संपर्क में आते ही जहरीले धुएं में बदल गया। कुछ ही मिनटों में पूरा इलाका धुंध की तरह इस धुएं से घिर गया।
आसपास के इलाकों में दहशत का माहौल
घटना के बाद (Toxic Smoke Spread) का असर आसपास की फैक्ट्रियों और रिहायशी इलाकों तक पहुंच गया। कई मजदूरों और स्थानीय लोगों ने सांस लेने में तकलीफ, खांसी और उल्टी की शिकायत की। अचानक फैले इस धुएं ने काम कर रहे श्रमिकों को अपना काम बीच में छोड़ने पर मजबूर कर दिया।
घंटों बाद पहुंची दमकल टीम
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक घटना शाम करीब 4:30 बजे हुई, लेकिन (Industrial Accident Response) की गंभीरता के बावजूद दमकल विभाग रात करीब 8:30 बजे मौके पर पहुंचा। तब तक जहरीला धुआं पूरे इंडस्ट्रियल एरिया में फैल चुका था। इस देरी ने स्थिति को और चिंताजनक बना दिया।
सायरन तक नहीं बजाया गया
हैरानी की बात यह रही कि हादसे के दौरान फैक्ट्री प्रबंधन ने न तो सायरन बजाया और न ही आसपास के लोगों को सतर्क किया। (Safety Negligence Factory) के इस मामले में बेसिक सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन नहीं किया गया, जिससे बड़ा हादसा होने का खतरा और बढ़ गया।
मजदूरों को बीच में छोड़ना पड़ा काम
पास की एक फैक्ट्री के संचालक ने बताया कि उनके यहां काम कर रहे मजदूरों को अचानक सांस लेने में दिक्कत होने लगी। हालात ऐसे बने कि सभी को काम छोड़कर बाहर निकलना पड़ा। उन्होंने आरोप लगाया कि अगर समय पर सूचना दी जाती, तो नुकसान को काफी हद तक रोका जा सकता था।
पिच ऑयल होने की पुष्टि
जिला अग्निशमन अधिकारी के अनुसार प्राथमिक जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि पाइपलाइन में पिच ऑयल था, जो औद्योगिक उपयोग में आता है। हालांकि कंपनी प्रबंधन का कहना है कि आग नहीं लगी थी, इसलिए फायर ब्रिगेड को तुरंत सूचना नहीं दी गई।
प्रोटोकॉल की अनदेखी पर सवाल
औद्योगिक सुरक्षा नियमों के अनुसार ऐसे मामलों में तुरंत सायरन बजाना, बिजली और गैस सप्लाई बंद करना और लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाना जरूरी होता है। (Industrial Safety Rules India) के तहत यह अनिवार्य है, लेकिन इस घटना में इन नियमों की अनदेखी साफ तौर पर सामने आई है।
जांच के बाद कार्रवाई की तैयारी
प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है और जिम्मेदारों पर कार्रवाई की बात कही जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर सख्त कदम उठाए जाएंगे, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।


