सीजी भास्कर, 29 दिसंबर | भिलाई के जयंती स्टेडियम में चल रही पंडित धीरेंद्र शास्त्री की हनुमंत कथा के दौरान (Bhilai Hanumant Katha Security) को लेकर प्रशासन ने सुरक्षा घेरा और कड़ा कर दिया है। देश के अलग-अलग हिस्सों से पहुंचे श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के बीच पुलिस को कुछ ऐसे चेहरे नजर आए, जिनकी गतिविधियां सामान्य नहीं लगीं।
श्रद्धालु बनकर घूमते मिले संदिग्ध
कथा स्थल और उसके आसपास पुलिस को ऐसे महिला-पुरुष मिले, जो खुद को श्रद्धालु बता रहे थे, लेकिन पूछताछ में उनकी पहचान को लेकर स्थिति साफ नहीं हो सकी। शुरुआती जांच में इनके पास कोई वैध पहचान पत्र नहीं मिला। (Bhilai Hanumant Katha Security) के तहत इन्हें निगरानी में लिया गया और फिर हिरासत की कार्रवाई की गई।
तीन दिन में 20 हिरासत
पुलिस सूत्रों के अनुसार, बीते तीन दिनों में कुल 20 लोगों को प्रतिबंधात्मक कार्रवाई के तहत पकड़ा गया है। पहले दिन 9 महिलाएं और बाद में 11 महिला-पुरुष हिरासत में लिए गए। सभी से अलग-अलग समय पर पूछताछ की गई, लेकिन संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर आगे की कानूनी प्रक्रिया अपनाई गई।
सिविल ड्रेस में तैनात टीमें
कथा के दौरान चोरी, चेन स्नेचिंग और पॉकेटमारी जैसी घटनाओं की आशंका को देखते हुए पुलिस ने सिविल ड्रेस में टीमें तैनात की थीं। संदिग्धों को पहले कुछ घंटों तक चुपचाप वॉच किया गया, फिर शक पुख्ता होने पर कार्रवाई की गई। (Bhilai Hanumant Katha Security) का यही मॉडल इस बार सख्ती से लागू किया गया।
बाहरी राज्यों से आने वालों की जांच
हिरासत में लिए गए लोगों में मध्य प्रदेश, बिहार और उत्तर प्रदेश से आए व्यक्ति शामिल बताए जा रहे हैं। जांच के दौरान इनके पास न तो प्रवेश पास मिला और न ही कोई वैध पहचान दस्तावेज। पुलिस ने सभी के खिलाफ इस्तगासा तैयार कर उन्हें न्यायालय में पेश किया।
अंतिम दिन भी अलर्ट मोड
25 दिसंबर से शुरू हुई कथा का समापन 29 दिसंबर को हुआ। अंतिम दिन भी पुलिस और प्रशासन अलर्ट मोड में रहे। पंडाल के भीतर और बाहर लगातार पेट्रोलिंग, चेकिंग और निगरानी जारी रही, ताकि (Bhilai Hanumant Katha Security) में किसी तरह की चूक न हो।
श्रद्धालुओं से सहयोग की अपील
पुलिस ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे अपने सामान की सुरक्षा स्वयं भी करें, किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत सुरक्षा कर्मियों को दें। प्रशासन का कहना है कि सतर्कता और सहयोग से ही ऐसे बड़े आयोजनों को सुरक्षित बनाया जा सकता है।





