सीजी भास्कर, 21 फरवरी। Bhilai Hospital Parking Dispute: भिलाई नगर के स्पर्श मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल की पार्किंग व्यवस्था इन दिनों विवाद की वजह बनी हुई है। तीन मंजिला, 100 बिस्तरों वाले अस्पताल के बेसमेंट में जहां पार्किंग होनी चाहिए थी, वहां ऑक्सीजन प्लांट और अन्य तकनीकी यूनिट संचालित की जा रही हैं। इससे अस्पताल आने वाले मरीजों, उनके परिजनों और स्थानीय लोगों को रोजाना अव्यवस्था का सामना करना पड़ रहा है। यह मामला अब प्रशासनिक स्तर पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।
लाइसेंस की शर्तों पर उठे सवाल
नर्सिंग होम एक्ट और क्लीनिकल एस्टेब्लिशमेंट नियमों के अनुसार, किसी भी 100 बिस्तर अस्पताल के लिए परिसर में पर्याप्त पार्किंग व्यवस्था अनिवार्य मानी जाती है। नियम यह भी स्पष्ट करता है कि पार्किंग की व्यवस्था अस्पताल भवन के भीतर या उसके परिसर में ही होनी चाहिए लेकिन स्पर्श हॉस्पिटल के मामले में यह शर्त पूरी नहीं होती दिख रही है, जिससे उसके लाइसेंस की वैधता पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।

आरटीआई में मिले गोल-मोल जवाब
पार्किंग व्यवस्था को लेकर की गई शिकायत के बाद आरटीआई के तहत जानकारी मांगी गई, लेकिन संबंधित विभागों से स्पष्ट जवाब नहीं मिल पाए। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय की ओर से कहा गया कि मामले की जांच प्रक्रियाधीन है और दस्तावेज साझा करने से जांच प्रभावित हो सकती है। इस जवाब से स्थानीय नागरिकों में असंतोष और बढ़ गया है, क्योंकि उन्हें अपनी रोजमर्रा की परेशानी का समाधान नजर नहीं आ रहा।
दुकानदारों और रहवासियों की रोज की जंग : Bhilai Hospital Parking Dispute
अस्पताल के आसपास रहने वाले लोगों और दुकानदारों का कहना है कि हॉस्पिटल आने वाले वाहन उनके घर और दुकानों के सामने खड़े कर दिए जाते हैं। इससे न केवल रास्ता बाधित होता है बल्कि रोज विवाद की स्थिति बन जाती है।
कई बार बात बहस तक पहुंच जाती है, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो जाता है। स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि वे कई बार अस्पताल प्रबंधन से निवेदन कर चुके हैं, लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है।

विवादित जमीन पर एंबुलेंस खड़ी करने का आरोप
शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि अस्पताल प्रबंधन ने आसपास की एक निजी जमीन पर एंबुलेंस पार्किंग का बोर्ड लगाकर वाहन खड़े करना शुरू कर दिया है।
नियमों के मुताबिक एंबुलेंस को अस्पताल परिसर में ही खड़ा किया जाना चाहिए। इस कथित अतिक्रमण को लेकर जमीन मालिक और अस्पताल स्टाफ के बीच टकराव की स्थिति भी बन रही है, जिससे क्षेत्र में तनाव का माहौल है।
क्या होगी प्रशासन की अगली कार्रवाई
पूरे मामले की शिकायत अब मुख्य सचिव तक पहुंच चुकी है। प्रशासनिक स्तर पर यह तय किया जाना बाकी है कि अस्पताल प्रबंधन पर नियमों के उल्लंघन को लेकर क्या कार्रवाई होगी। जानकारों का मानना है कि यदि पार्किंग की अनिवार्य शर्तें पूरी नहीं पाई जातीं, तो अस्पताल के लाइसेंस पर कार्रवाई संभव है। फिलहाल स्थानीय नागरिकों को उम्मीद है कि प्रशासन इस समस्या का स्थायी समाधान निकालेगा।







