भिलाई नगर के स्मृति नगर इलाके में मंगलवार सुबह एक दर्दनाक घटना सामने आई, जहां सड़क किनारे खुले छोड़े गए गड्ढे में गिरने से एक दुधारू गाय की मौत हो गई। यह मामला Bhilai Open Pit Cow Death से जुड़ा है, जिसने सार्वजनिक जगहों पर की जा रही लापरवाह खुदाई पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
केबल बिछाने के बाद खुला छोड़ा गया गड्ढा
जानकारी के अनुसार, जुनवानी से कातुलबोर्ड जाने वाली मुख्य सड़क के किनारे एक अज्ञात केबल कंपनी द्वारा केबल लाइन बिछाने के लिए गड्ढा खोदा गया था। हैरानी की बात यह रही कि खुदाई के बाद न तो गड्ढे को ढंका गया और न ही किसी तरह का चेतावनी संकेत या सुरक्षा घेरा लगाया गया।
सुबह चरते समय गड्ढे में गिरी गाय
घटना की शिकायत करने वाले दीपक यादव ने बताया कि वह रोज़ की तरह सुबह करीब 5 बजे अपने खटाल से सभी गाय, भैंस और बछड़ों को खोलकर परिसर में छोड़े थे। करीब पौने 9 बजे जब वह मवेशियों को वापस बांधने लगे, तब एक गाय गायब मिली। तलाश करने पर वह गाय स्मृति नगर के उसी खुले गड्ढे में गिरी हुई पाई गई।
बाहर निकाली गई, लेकिन नहीं बच सकी जान
स्थानीय लोगों की मदद से गाय को गड्ढे से बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। गाय के शरीर पर गंभीर चोटों के निशान थे और कुछ ही समय में उसकी मौत हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, गड्ढा काफी गहरा था और किनारे फिसलन भरे थे।
पुलिस ने दर्ज की एफआईआर
मामले की सूचना मिलते ही सुपेला थाना पुलिस ने अज्ञात केबल कंपनी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। पुलिस ने 11-एलयूपी एक्ट और भारतीय न्याय संहिता की धारा 325 के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना शुरू कर दी है। जांच में यह देखा जा रहा है कि खुदाई की अनुमति किसके द्वारा दी गई थी और सुरक्षा उपाय क्यों नहीं अपनाए गए।
सार्वजनिक लापरवाही पर उठे सवाल
इस घटना के बाद इलाके में नाराज़गी का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क किनारे इस तरह गड्ढे खोदकर छोड़ देना न सिर्फ मवेशियों बल्कि राहगीरों के लिए भी जानलेवा साबित हो सकता है। Bhilai Open Pit Cow Death ने एक बार फिर दिखा दिया है कि विकास कार्यों में लापरवाही किस हद तक नुकसान पहुंचा सकती है।
जिम्मेदारी तय होगी या मामला दबेगा?
अब सवाल यह है कि जांच के बाद क्या जिम्मेदार कंपनी पर ठोस कार्रवाई होगी या मामला कागज़ों तक सिमट कर रह जाएगा। पुलिस का कहना है कि दोषियों की पहचान कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।




