सीजी भास्कर, 29 नवंबर। भिलाई इस्पात संयंत्र (BSP) में हाल ही में हुई गंभीर औद्योगिक (Bhilai Steel Plant Safety Lapse) दुर्घटनाओं—कर्मियों की मौत और कई के घायल होने—के बाद प्रबंधन ने सुरक्षा मानकों के उल्लंघन को लेकर कठोर कदम उठाए हैं। संयंत्र ने स्पष्ट कर दिया है कि असुरक्षित कार्य और असुरक्षित कार्यप्रणाली पर ‘ज़ीरो टॉलरेंस’ की नीति बिना किसी अपवाद के कड़ाई से लागू की जाएगी।
दुर्घटनाओं की गंभीरता और रूट कॉज एनालिसिस (RCA) रिपोर्ट के आधार पर प्रबंधन ने कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए सिंटर प्लांट–3 के महाप्रबंधक शंकर मोरी और ऊर्जा प्रबंधन विभाग के महाप्रबंधक सुब्रमनी रमनी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
इसी के साथ प्लेट मिल के महाप्रबंधक सुधाकर और पद्नाभन को एडवाइजरी (Bhilai Steel Plant Safety Lapse) नोटिस जारी किया गया है, जबकि ऊर्जा प्रबंधन विभाग के कार्यपालक प्यारेलाल देशमुख और विनय कुमार को कड़ी चेतावनी दी गई है।
प्रबंधन के अनुसार, हर घटना का विस्तृत RCA किया गया ताकि दुर्घटनाओं के पीछे के वास्तविक कारणों की पहचान कर सुधारात्मक और निवारक उपाय (Corrective & Preventive Actions) प्रभावी रूप से लागू किए जा सकें। सभी संबंधित विभागों को सुरक्षा प्रोटोकॉल के सख्त पालन और निरीक्षण की आवृत्ति बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।
संयंत्र प्रबंधन ने दोहराया कि सुरक्षा केवल एक विभाग का काम नहीं बल्कि पूरे संगठन की सामूहिक जिम्मेदारी है। किसी भी कर्मचारी या अधिकारी द्वारा बरती गई लापरवाही, नियमों की अनदेखी या जोखिम भरा व्यवहार किसी भी परिस्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
प्लांट के भीतर सुरक्षा संस्कृति को मजबूत करने के लिए प्रशिक्षण, सुपरविजन (Bhilai Steel Plant Safety Lapse) और इमरजेंसी रिस्पॉन्स सिस्टम की समीक्षा भी की जा रही है, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की दुर्घटना को रोका जा सके।


