सीजी भास्कर, 20 मार्च। देश के प्रमुख औद्योगिक केंद्रों में शामिल भिलाई स्टील प्लांट के अंदर तक पहुंचकर स्क्रैप चोरी करने वाले गिरोह का आखिरकार पर्दाफाश हो गया है। दुर्ग पुलिस की कार्रवाई में इस संगठित नेटवर्क का खुलासा हुआ है, जिसने प्लांट के प्रतिबंधित क्षेत्र को भी नहीं छोड़ा।
पूरे मामले में मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज (Bhilai Steel Plant Scrap Theft) दिया गया है, जबकि उसके पांच साथी अभी भी फरार हैं और उनकी तलाश तेज कर दी गई है।
कैसे हुई इतनी बड़ी चोरी?
जानकारी के मुताबिक 16 मार्च की रात आरोपियों ने भिलाई इस्पात संयंत्र के ब्लास्टिंग यार्ड के पास घुसकर लोहे के स्क्रैप को निशाना बनाया। यह क्षेत्र सुरक्षा के लिहाज से बेहद संवेदनशील माना जाता है, जहां बिना अनुमति प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित रहता है।
इसके बावजूद आरोपियों ने प्लानिंग के साथ अंदर घुसकर बड़ी मात्रा में स्क्रैप निकाल लिया, जिससे सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
शिकायत के बाद हरकत में आई पुलिस
घटना के अगले ही दिन प्लांट की सुरक्षा इकाई ने मामले की शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने तुरंत जांच शुरू कर दी। संदिग्धों की तलाश के दौरान एक आरोपी को हिरासत में लिया (Bhilai Steel Plant Scrap Theft) गया, जिसने पूछताछ में पूरे गिरोह का खुलासा कर दिया। गिरफ्तार आरोपी ने बताया कि वह अपने साथियों के साथ मिलकर इस वारदात को अंजाम दे रहा था और पहले भी इस तरह की गतिविधियों में शामिल रहा है।
1030 किलो स्क्रैप और पिकअप जब्त
जांच के दौरान पुलिस ने उस वाहन को भी पकड़ लिया, जिसका इस्तेमाल स्क्रैप को प्लांट से बाहर ले जाने में किया जा रहा था। कार्रवाई में करीब 1030 किलोग्राम लोहे का स्क्रैप और एक पिकअप वाहन जब्त किया गया है। जब्त सामग्री की कीमत लाखों रुपये बताई जा रही है।
अभी भी 5 आरोपी फरार
इस पूरे मामले में कुल छह लोगों के नाम सामने आए हैं। मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी हो चुकी है, लेकिन बाकी पांच आरोपी अभी भी फरार हैं। पुलिस लगातार उनके संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है और जल्द गिरफ्तारी की उम्मीद जताई जा रही है।
लंबे समय से सक्रिय था गिरोह?
प्रारंभिक जांच में यह संकेत मिले हैं कि यह कोई एक दिन की वारदात (Bhilai Steel Plant Scrap Theft) नहीं थी। गिरोह संभवतः लंबे समय से औद्योगिक क्षेत्रों को निशाना बनाकर स्क्रैप चोरी कर रहा था और उसे अवैध तरीके से बेचकर मुनाफा कमा रहा था। अब पुलिस गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ कर नेटवर्क के बाकी लिंक और अन्य घटनाओं की जानकारी जुटाने में लगी हुई है।


