Bhilai Swimming Pool Construction Controversy 2026 : Bhilai नगर निगम द्वारा प्रियदर्शिनी परिसर पश्चिम में करीब 4.93 करोड़ रुपये की लागत से बनाए जा रहे स्विमिंग पूल को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। निर्माण कार्य शुरू हो चुका है और लगभग 5 फीट तक खुदाई भी हो चुकी है, लेकिन इसकी दिशा और स्थान को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।
विशेषज्ञों ने दिशा को बताया तकनीकी रूप से गलत
स्विमिंग विशेषज्ञों का कहना है कि खुले स्विमिंग पूल का निर्माण उत्तर-दक्षिण दिशा में होना चाहिए, ताकि सूरज की रोशनी सीधे तैराकों की आंखों पर न पड़े। जबकि यहां पूल पूर्व-पश्चिम दिशा में बनाया जा रहा है, जिससे खिलाड़ियों को अभ्यास के दौरान दिक्कत हो सकती है।
नेशनल प्रतियोगिताओं पर भी पड़ सकता है असर
विशेषज्ञों के मुताबिक, दिशा में इस तरह की गलती भविष्य में बड़ी समस्या बन सकती है। तकनीकी मानकों के अनुरूप निर्माण न होने पर यहां राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताएं आयोजित करना मुश्किल हो जाएगा, जिससे यह प्रोजेक्ट अपने उद्देश्य से भटक सकता है।
डूब क्षेत्र में निर्माण को लेकर स्थानीयों की चिंता
स्थानीय लोगों ने निर्माण स्थल को लेकर भी आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि यह क्षेत्र डूब क्षेत्र में आता है और पास में कोसा नाला होने के कारण बारिश में जलभराव की स्थिति बन जाती है। बिना जमीन को ऊंचा किए सीधे खुदाई शुरू करना भविष्य में समस्या खड़ी कर सकता है।
नेता प्रतिपक्ष ने उठाए अनियमितता के आरोप
भिलाई नगर निगम के नेता प्रतिपक्ष ने भी इस निर्माण कार्य में अनियमितताओं का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि तकनीकी मानकों की अनदेखी की जा रही है और यदि समय रहते सुधार नहीं किया गया, तो करोड़ों रुपये की यह परियोजना बेकार साबित हो सकती है।
निगम का जवाब—मानकों के अनुसार हो रहा निर्माण
वहीं निगम अधिकारियों का कहना है कि उन्हें इस मामले में कोई औपचारिक शिकायत नहीं मिली है। अधिकारियों के मुताबिक, हर स्थान की भौगोलिक स्थिति अलग होती है और उसी के अनुसार निर्माण किया जाता है। उन्होंने यह भी दावा किया कि स्वीकृत मानकों के तहत ही काम किया जा रहा है और गुणवत्ता का पूरा ध्यान रखा जा रहा है।


