Bhilai Theft Case : दुर्ग पुलिस को सूने मकानों में चोरी करने वाले एक खतरनाक अंतर्राज्यीय गिरोह को दबोचने में बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनके पास से सोने-चांदी के गहने, नकदी और चोरी के पैसों से खरीदी गई नई स्कूटी सहित कुल 8 लाख 22 हजार रुपये का माल जब्त किया गया है। पकड़े गए आरोपियों में मुख्य सरगना के साथ उसके दो अन्य साथी भी शामिल हैं।
मोतीपुर में हुई बड़ी चोरी का खुलासा
इस पूरी कार्रवाई की शुरुआत अमलेश्वर थाने में दर्ज एक शिकायत से हुई। ग्राम मोतीपुर निवासी प्रार्थी ने पुलिस को बताया था कि 25 से 29 जनवरी के बीच जब वह सपरिवार किसी निजी काम से बाहर गया हुआ था, तभी अज्ञात बदमाशों ने ताला तोड़कर घर में रखी आलमारी साफ कर दी थी। शिकायत मिलने के बाद अमलेश्वर पुलिस और एसीसीयू (ACCU) की टीम ने आरोपियों की तलाश के लिए जाल बिछाया।
रेकी कर रात के अंधेरे में मारते थे सेंध
पुलिस जांच में यह बात सामने आई है कि गिरोह का मुख्य सदस्य खिलेश दास मानिकपुरी अपने साथी भुनेश्वर यादव के साथ मिलकर शिकार की तलाश करता था। आरोपी पहले बंद घरों की रेकी करते थे और फिर रात के सन्नाटे में वारदात को अंजाम देते थे। चोरी किए गए कीमती सामान को ठिकाने लगाने के लिए उन्होंने रायपुर के तुलेश्वर सोनकर की मदद ली थी, जो माल खपाने का काम करता था।

तकनीकी साक्ष्य और मुखबिरों से मिली सफलता
पुलिस टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और स्थानीय मुखबिरों की सूचना पर योजनाबद्ध तरीके से घेराबंदी की और तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने करीब 54 ग्राम चांदी के जेवरात, एक आईफोन, मोबाइल फोन, घटना में इस्तेमाल मोटरसाइकिल और चोरी के पैसों से खरीदी गई चमचमाती स्कूटी बरामद की है। पकड़े गए बदमाशों में 22 वर्षीय खिलेश दास, 21 वर्षीय भुनेश्वर और 24 वर्षीय तुलेश्वर शामिल हैं।
चोरी की रकम से पूरे किए महंगे शौक
पूछताछ के दौरान आरोपियों ने स्वीकार किया कि चोरी की गई मोटी रकम का इस्तेमाल उन्होंने अपने महंगे शौक पूरा करने के लिए किया था। उन्होंने चोरी के पैसों से न केवल महंगी गाड़ियां खरीदीं, बल्कि लग्जरी मोबाइल फोन भी हासिल किए थे। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि इस गिरोह ने जिले के अन्य किन क्षेत्रों में इसी तरह की वारदातों को अंजाम दिया है।


