Bhopal Municipal Negligence : नगर निगम की टाइम-लिमिट बैठक में इंजीनियरिंग विभाग की ढिलाई फिर सामने आ गई। समीक्षा की शुरुआत में ही आयुक्त ने जब डिप्टी सिटी इंजीनियरों से उनके विधानसभा क्षेत्रों की फील्ड रिपोर्ट मांगी, तो कोई भी स्पष्ट जानकारी नहीं दे पाया।
इस स्थिति पर आयुक्त ने नाराजगी जताई और सख्त चेतावनी दी कि रिपोर्ट समय पर न देने पर विभागीय कार्रवाई की जाएगी। इस मामले को निगम अधिकारी “(Field Monitoring Issue)” मान रहे हैं।
आईएसबीटी मुख्यालय में कई चूकें, आयुक्त ने दिखाया सख्त रुख
आईएसबीटी स्थित नगर निगम मुख्यालय में हुई बैठक में अपर आयुक्त, सहायक आयुक्त, डिप्टी सिटी इंजीनियर और स्वास्थ्य अधिकारी मौजूद थे। आयुक्त ने फील्ड क्रियान्वयन की स्थिति पर बारीकी से चर्चा की, जहाँ कई अनियमितताएँ सामने आईं।
फील्ड स्टाफ की उपस्थिति से लेकर फाइलों की समय पर समीक्षा तक—कई स्तरों पर खामियाँ सामने आईं, जिसके बाद आयुक्त ने पूरी टीम को जिम्मेदारी का एहसास कराने पर जोर दिया।
जोन 14 की सड़क परियोजना पर सबसे बड़ा सवाल, इंजीनियर जवाब न दे सके
जोन 14 के डिप्टी सिटी इंजीनियर बृजेश कौशल इस बैठक के मुख्य केंद्र में रहे। आयुक्त ने उनसे वर्ष 2014 में स्वीकृत एक महत्वपूर्ण सड़क निर्माण की स्थिति पूछी।
लेकिन जब पूछा गया कि सड़क किस स्थान पर बननी है, इंजीनियर जवाब नहीं दे पाए। विभाग के अंदर यह चर्चा है कि वे कई महत्वपूर्ण फाइलें लंबे समय से अपनी कार में रखकर ही घूम रहे थे—जिसकी जानकारी पहले ही आयुक्त तक पहुँच चुकी थी।
प्रोजेक्ट को विभाग के भीतर “(Pending Infrastructure File)” के रूप में देखा जा रहा है।
वेतन फाइलों में अनियमितता, कर्मचारियों की संख्या पर उठे सवाल
वेतन फाइलों की जांच के दौरान आयुक्त ने यह देखकर आश्चर्य जताया कि कुछ विभागों में कर्मचारियों की संख्या पिछले महीनों की तुलना में अचानक बढ़ गई है।
जांच में पता चला कि कुछ फाइलों में नेताओं के करीबियों के नाम जोड़ दिए गए थे, जिसकी जानकारी मिलने पर आयुक्त ने स्पष्ट किया कि उपस्थिति हाजिरी रजिस्टर में दर्ज करना अनिवार्य होगा और किसी भी प्रकार की हेराफेरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
स्वास्थ्य विभाग को निर्देश – हाजिरी और फील्ड मूवमेंट पर निगरानी बढ़ेगी
स्वास्थ्य विभाग से पूछताछ में यह भी सामने आया कि कई कर्मचारी फील्ड विजिट का सही रिकॉर्ड नहीं दे रहे हैं। इसके बाद आयुक्त ने सभी जोनों के स्वास्थ्य अधिकारियों को निर्देश दिए कि हाजिरी रजिस्टर की नियमित जांच की जाए और किसी भी गड़बड़ी पर तत्काल रिपोर्ट तैयार की जाए।
यह पूरा मामला अब विभाग के लिए “(Administrative Compliance Alert)” बन गया है, जिसका पालन अनिवार्य किया गया है।





