सीजी भास्कर, 28 अगस्त : छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के नंदिनी थाना पुलिस ने भुइंया साफ्टवेयर को हैक करने के मामले (Bhuiya Software Hacking Case) में बड़ी कार्रवाई की है। थाना अंतर्गत पटवारी हल्का नंबर 16 के ग्राम अछोटी और मुरमुंदा तहसील अहिवारा में भुइंया सॉफ्टवेयर को हैक कर जमीन के खसरा अभिलेखों में छेड़छाड़ की गई। इसके आधार पर भारतीय स्टेट बैंक शाखा नंदिनी नगर से करीब 36 लाख रुपये का अवैध आहरण किया गया और राशि विभिन्न खातों में ट्रांसफर कर दी गई। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपितों ने ऑनलाइन रिकॉर्ड में कूटरचित तरीके से नए खसरा नंबर तैयार किए और उसका उपयोग बैंक लोन हासिल करने में किया।
पुलिस ने भुइंया साफ्टवेयर को हैक करने के मामले (Bhuiya Software Hacking Case) की विवेचना करते हुए सेक्टर-5 भिलाई निवासी नंद किशोर साहू को गिरफ्तार किया है। उसके खाते में 20 लाख 26 हजार 547 रुपये जमा हुए थे, जिन्हें उसने अपनी निजी कंपनी भिलाई-दुर्ग फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी में निवेश कर दिया था। जांच में यह भी पाया गया कि मुख्य आरोपित दिनू राम यादव ने फर्जी दस्तावेज तैयार कर बैंक से अवैध रूप से राशि निकाली और रकम को अन्य खातों में विभाजित किया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए दुर्ग संभागायुक्त ने पहले ही दो पटवारियों को निलंबित किया था। पुलिस को मिली शिकायत में आरोप था कि दिनू राम यादव, एस राम बंजारे और अन्य साथियों ने षड्यंत्रपूर्वक ऑनलाइन राजस्व अभिलेखों में छेड़छाड़ की। उन्होंने मूल खसरा नंबर के रकबे को बदलकर नए खसरे बनाए और बैंक से फर्जी लोन निकालकर अवैध लाभ अर्जित किया। पुलिस ने धारा 318(4), 338, 336(3), 340(2), 3(5) बीएनएस और 66(सी) आईटी एक्ट के तहत अपराध दर्ज किया है।
नंदिनी पुलिस का कहना है कि भुइंया साफ्टवेयर को हैक करने के मामले (Bhuiya Software Hacking Case) में आगे और भी नाम सामने आ सकते हैं। फिलहाल एक आरोपित गिरफ्तार किया गया है और बाकी की तलाश जारी है। पुलिस साइबर सेल की मदद से पूरे नेटवर्क को खंगाल रही है ताकि जमीन रिकॉर्ड से छेड़छाड़ कर बैंक धोखाधड़ी करने वाले पूरे गिरोह का पर्दाफाश किया जा सके।