पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल (Bhupesh Baghel Statement) ने प्रदेश में चल रही धान खरीदी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए कहा कि लगातार शिकायतें सामने आ रही हैं और किसान भारी परेशानियों का सामना कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि बोवाई के समय किसानों को एक बोरी तक डीएपी खाद उपलब्ध नहीं कराई गई और अब धान कम खरीदने का षड्यंत्र रचा जा रहा है।
भूपेश बघेल (Bhupesh Baghel Statement) ने कहा कि वन ग्राम के किसानों की धान खरीदी नहीं की जा रही है और धान खरीदी का रकबा जानबूझकर घटाने की कोशिश हो रही है। ऑनलाइन पोर्टल दो मिनट में बंद हो जा रहा है, जबकि ऑफलाइन सिस्टम में अपने लोगों की धान खरीदी के लिए सांठगांठ की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि हजारों किसानों से जबरन धान का समर्पण कराया जा रहा है, कई मामलों में तो बिना हस्ताक्षर के ही समर्पण दर्ज कर दिया गया।
उन्होंने कहा कि सोसायटियों में जगह की भारी कमी है, राइस मिलरों से एग्रीमेंट नहीं हो पाया है और मिलर धान का उठाव नहीं कर रहे हैं, जिससे खरीदी प्रभावित हो रही है। सरकार पूरा धान खरीदना ही नहीं चाहती, यही इस अव्यवस्था की असली वजह है।
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि धान खरीदी में हर जगह से शिकायतें मिल रही हैं। एग्रीस्टेक में पंजीयन नहीं होने के कारण हजारों किसानों की लाखों हेक्टेयर जमीन कट गई है। वन ग्राम और पट्टाधारी किसानों का धान भी नहीं खरीदा जा रहा है। हजारों किसानों के धान का समर्पण कराया गया है, आरओ नहीं कटने के कारण धान का उठाव नहीं हो पा रहा है।
भूपेश बघेल ने मांग की कि किसानों और राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में धान खरीदी केंद्रों पर भौतिक सत्यापन कराया जाए। उन्होंने आरोप लगाया कि हर केंद्र से कम से कम 500 कट्टा अतिरिक्त धान निकल सकता है, क्योंकि हर कट्टे में करीब एक किलो धान कम तौला जा रहा है। यही कम तौला गया धान केंद्रों में अतिरिक्त पड़ा हुआ है।
कांकेर धर्मांतरण मामला और बंद पर प्रतिक्रिया
कांकेर में धर्मांतरण मामले को लेकर कल हुए बंद और चेंबर ऑफ कॉमर्स के समर्थन पर प्रतिक्रिया देते हुए भूपेश बघेल ने कहा कि कांग्रेस जबरिया धर्मांतरण के पूरी तरह खिलाफ है, इसमें कोई संदेह नहीं होना चाहिए। लेकिन इस मुद्दे पर राजनीति नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सर्व समाज का बंद और चेंबर का समर्थन यूं ही नहीं है, इसके पीछे कुछ न कुछ कारण जरूर होंगे। सवाल यह है कि समाधान क्या है। सरकार को अपना रवैया स्पष्ट करना चाहिए। भाजपा की सरकार बनने के बाद ऐसी घटनाएं क्यों बढ़ गई हैं।
‘महतारी गौरव वर्ष’ पर सरकार को घेरा
अगले साल को ‘महतारी गौरव वर्ष’ घोषित करने के राज्य सरकार के फैसले पर भूपेश बघेल ने कहा कि सरकार का महतारियों के साथ व्यवहार अपमानजनक है। महतारी वंदन योजना में सभी महिलाओं को धोखा दिया जा रहा है। राशन कार्ड से महतारियों के नाम काटे जा रहे हैं और अब तक 30 लाख नाम हटाए जा चुके हैं।
उन्होंने कहा कि गोधन न्याय योजना और रीपा बंद हो चुके हैं, बिहान की स्थिति भी खराब है और स्वसहायता समूह की महिलाएं परेशान हैं। महिलाओं के खिलाफ अत्याचार बढ़े हैं, बलात्कार और सामूहिक दुराचार की घटनाएं बढ़ी हैं। ऐसे में सरकार किस बात का गौरव वर्ष मनाएगी।
झीरम मामले पर जेपी नड्डा के बयान पर पलटवार
जेपी नड्डा द्वारा जांजगीर में झीरम मामले को लेकर दिए गए बयान पर भूपेश बघेल ने कहा कि नक्सलियों से सांठगांठ भाजपा की रही है। एकात्म परिसर में नक्सली लेवी मांगने आते थे, क्या यह सब भूल गए हैं। उन्होंने सवाल किया कि एनआईए को झीरम मामले की जांच ठीक से क्यों नहीं करने दी गई, यह नड्डा जी बताएं। भाजपा ने हमेशा झीरम की जांच को रोकने का काम किया है।
उन्होंने कहा कि नक्सली भाजपा नेताओं से हफ्ता वसूली करने जाते थे। मोहला-मानपुर में जिस भाजपा नेता की हत्या हुई, उसकी पत्नी ने खुद रमन सिंह से कहा था कि अगर पैसा भेज दिया गया होता तो आज उनका पति जिंदा होता। उन्होंने दोहराया कि झीरम एक राजनीतिक और आपराधिक षड्यंत्र था, जिससे फायदा भाजपा को हुआ, जबकि कांग्रेस की पहली पंक्ति के नेता मारे गए।
चैतन्य बघेल के खिलाफ चार्जशीट पर प्रतिक्रिया
चैतन्य बघेल के खिलाफ कोर्ट में पेश चार्जशीट के मसले पर भूपेश बघेल (Bhupesh Baghel Statement) ने कहा कि छह सप्लीमेंट्री चार्जशीट में चैतन्य बघेल का नाम नहीं था, लेकिन अब अचानक सेंसेशन पैदा करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि दूसरे की व्हाट्सएप चैट और पप्पू बंसल के बयान के आधार पर कार्रवाई की जा रही है।
उन्होंने सवाल किया कि पप्पू बंसल फरार है या गिरफ्तार, यह स्पष्ट नहीं है। चालान में उसके बयान को भी शामिल नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि पहले भी सीडी कांड में उन्हें बदनाम किया गया था। 2020 से पहले की पारिवारिक संपत्ति को मामले में जोड़ा जा रहा है।
भूपेश बघेल ने कहा कि एजेंसियां पहले यह तय कर लें कि आरोप कितने का है—कभी 200 करोड़, कभी 2100 करोड़ बताया जा रहा है। यह सब उनकी और उनके परिवार की छवि खराब करने की कोशिश है।




