Bihar Criminal Suresh Yadav Murder (बिहार क्रिमिनल सुरेश यादव मर्डर) की वारदात पश्चिम बंगाल के हावड़ा जिले में हुई. बीती रात संध्या बाजार इलाके में अज्ञात हमलावरों ने सुरेश यादव पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसा दीं. घटनास्थल पर अफरा-तफरी मच गई. स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी. पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया.
गोपालगंज का कुख्यात अपराधी
मृतक सुरेश यादव, बिहार के गोपालगंज जिले के नगर थाना क्षेत्र के कुकुरभुक्का गांव का रहने वाला था. Bihar Criminal Suresh Yadav Murder की चर्चा इसलिए भी है क्योंकि सुरेश पर हत्या, अपहरण और रंगदारी के 20 से अधिक गंभीर केस दर्ज थे.
कई चर्चित हत्याकांडों का आरोपी
सुरेश यादव का आपराधिक इतिहास बेहद लंबा था. Criminal Suresh Yadav Murder मामले से जुड़े रिकॉर्ड बताते हैं कि वह समता पार्टी नेता गिरीश सिंह की हत्या, त्रिविरवा पंचायत मुखिया अमरजीत यादव की हत्या, 1995 विधानसभा चुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार मुन्ना सिंह की हत्या और सीवान के अपराधी राका तिवारी की हत्या जैसे मामलों में नामजद था.
पहले भी हो चुका था हमला
सुरेश यादव के आपराधिक सफर में कई बार जानलेवा हमले हुए. Criminal Suresh Yadav Murder से पहले भी दो बार उस पर गोलियां चली थीं, लेकिन दोनों बार वह बच निकला. इस बार हमलावरों ने उसे मौका नहीं दिया.
पुलिस की जांच और इनपुट
गोपालगंज पुलिस ने पुष्टि की है कि पश्चिम बंगाल पुलिस ने इस हत्याकांड से जुड़े इनपुट मांगे हैं. सुरेश यादव के पुराने विवाद, दुश्मन और संभावित टारगेट लिस्ट खंगाली जा रही है. Criminal Suresh Yadav Murder की जांच फिलहाल कई एंगल से चल रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि आखिर किसने उसे पश्चिम बंगाल में निशाना बनाया.
गोपालगंज में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी
आज सुरेश यादव का शव गोपालगंज लाया जाएगा. प्रशासन ने अलर्ट जारी कर दिया है. Bihar Criminal Suresh Yadav Murder के बाद किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है. सुरेश के नेटवर्क और संपर्कों की भी पड़ताल की जा रही है.





