सीजी भास्कर, 17 नवंबर। बिहार विधानसभा चुनाव (Bihar Politics) के नतीजों को आए तीन दिन हो गए है। लेकिन अभी तक ये तय नहीं हुआ कि बिहार की गद्दी पर कौन बैठेगा। सुर्खियों में भले ही मौजूदा सीएम नीतीश कुमार की चर्चाएं तेज हो लेकिन फैसला तो एनडीए विधायक दलों की बैठक में ही होगा। बीजेपी के चौंकाने वाले फैसले सबको याद होना चाहिए। आपको बता दें कई राज्यों में ऐसे कई मौके आए जब विधायक दल की बैठक में सीएम के नए नाम को लेकर अचानक सब को चौकाया है।
वैसे भी आपको बता दें पीएम मोदी ने जीत जश्न की बीजेपी मंच से बिहार (Bihar Politics) जीतने का समीकरण माय यानि एम और वाई बताया था, एम से महिला और वाई से युवा । उनका माय फॉर्मूला विपक्ष के माई सामाजिक फॉर्मूले मुस्लिम यादव समीकरण से अलग था। ऐसे में युवा और महिला चेहरा भी एनडीए की ओर से सीएम घोषित हो सकता है। इस चुनाव में भोजपुरी गायकों का भी खूब बोलबाला रहा था, ऐसे में मशहूर निशानेबाज़ श्रेयसी सिंह, व लोकप्रिय गायक मैथिली ठाकुर के सीएम बनने की संभावना और एनडीए की अनोखे फैसलों से नकारा नहीं जा सकता।
जीती हुई सीट (Bihar Politics) समीकरण से देंखे तो 85 सीट जीतकर भले ही नीतीश कुमार बिहार में दूसरे सबसे बड़ा दल है, लेकिन बीते दो दशक के सियासी समीकरण पर गौर करें तो नीतीश को बिहार में गठबंधन बदलने और एक दूसरे के साथ मिलकर सरकार बनाने का जो विकल्प हमेशा जिंदा रहता था,वह इस जीत के साथ खत्म हो गया है, 2025 में नीतीश बगैर विकल्प के सीएम हो सकते है। यहीं वजह है कि एआईएमआईएम चीफ ने उन्हें बिना शर्त समर्थन देने का ऐलान किया है। ओवैसी और महागठबंधन के समर्थन से ही नीतीश पाला बदलकर सीएम बन सकते है लेकिन इसकी संभावना बहुत कम है।
बीजेपी के कई नेता कह चुके है कि विधायक दल का नेता निर्वाचित विधायकों की मीटिंग में ही चुना जाएगा। अब सबसे बड़ा सवाल ये है कि इस बैठक में किसके नाम पर मुहर लगेगी। दूसरी तरफ अभी तक नीतीश कुमार ने सरकार भंग नहीं की, ना ही सीएम पद से इस्तीफा दिया है। ऐसे में एनडीए गठबंधन में शामिल दलों के नेताओं के मन में क्या चल रहा है, इसका फैसला आगामी दिनों में दिल्ली से होगा या पटना से, इसका पता तभी चलेगा।
आज और कल बिहार में विधायकों की ताबड़तोड़ बैठकों का दौर है। पहले जेडीयू और बीजेपी के विधानमंडल दल की बैठकें होंगी, जिसके बाद एनडीए विधानमंडल दल की बैठक में नेता चुना जाएगा, नेता के चयन के बाद राज्यपाल के समक्ष सरकार बनाने का दावा पेश किया जाएगा।
बीजेपी के कई नेता नई सरकार में नीतीश कुमार के सीएम होने की बात कह रहे है लेकिन विधायक दल की बैठक में नेता चुने जाने की औपचारिकता पूरी होने के बाद। बीजेपी और जेडीयू के बीच नई सरकार गठन को लेकर पहले दौर की बातचीत पूरी हो गई है, जिसमें मंत्रिमंडल के स्वरूप और सहयोगी दलों की भागीदारी को लेकर फार्मूला तय हो गया है। 20 नवंबर को गांधी मैदान में भव्य शपथ ग्रहण समारोह आयोजित होगा, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी शामिल होंगे।
बिहार (Bihar Politics) में नई सरकार गठन की प्रक्रिया के बीच में नीतीश कुमार ने कैबिनेट मीटिंग के बाद राज्यपाल से मुलाकात की है। सीएम नीतीश ने राज्यपाल से यह सिफारिश की है कि 19 नवंबर को वर्तमान विधानसभा भंग कर दी जाए. विधानसभा भंग होने के बाद नीतीश कुमार सीएम पद से इस्तीफा देंगे। कैबिनेट बैठक में मौजूदा विधानसभा भंग करने का प्रस्ताव राज्यपाल को देने के लिए नीतीश कुमार को देने के लिए अधिकृत किया है।
इसके एक दिन पहले मुख्य निर्वाचन अधिकारी विनोद सिंह गुंजियाल ने राज्यपाल अरिफ मोहम्मद खान से मुलाकात कर, विधानसभा चुनाव में चुने गए निर्वाचित सदस्यों की सूची सौंपी। चुनाव परिणाम शुक्रवार 14 नवंबर को घोषित हुए थे। 243 सीट वाले बिहार में एनडीए ने 202 सीटें जीतकर प्रचंड बहुमत हासिल किया। बीजेपी को 89 , जेडीयू को 85 , एलजेपी(आर) को 19, एचएएम और आरएलएम ने मिलकर 9 सीटें जीतीं।


