सीजी भास्कर, 04 फरवरी | बिलासपुर में कानून-व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए Bilaspur Beat Policing System Restarted किया गया है। लंबे समय बाद बीट प्रणाली को नए ढांचे और बदली रणनीति के साथ फिर से मैदान में उतारा गया है, ताकि अपराध पर सीधी नजर रखी जा सके और आम लोगों तक पुलिस की मौजूदगी साफ तौर पर दिखे।
मैदान में उतरे बीट प्रभारी
मंगलवार शाम जिले के वरिष्ठ अधिकारियों ने सभी बीट प्रभारियों को बाइक पर रवाना किया। इसका उद्देश्य साफ है—हर गली, हर मोहल्ले और हर संवेदनशील इलाके में पुलिस की सक्रिय मौजूदगी। बीट प्रभारी अब सिर्फ रिपोर्टिंग तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि इलाके की हर हलचल पर पैनी नजर रखेंगे।
शहर में तीन शिफ्ट, गांव में बदली रणनीति
नई बीट व्यवस्था के तहत शहरी क्षेत्रों में तीन से चार बीट तैयार की गई हैं।
- सुबह 6 से दोपहर 2 बजे तक पहली शिफ्ट
- दोपहर 2 से रात 10 बजे तक दूसरी शिफ्ट
- रात 10 से सुबह 6 बजे तक तीसरी शिफ्ट, जिसमें राइफल के साथ गश्त अनिवार्य रहेगी
ग्रामीण इलाकों में दो शिफ्ट में पुलिस टीम गश्त करेगी, जहां बीट का दायरा बड़ा होने के कारण निगरानी को ज्यादा सतर्क रखा जाएगा।
इस व्यवस्था का सबसे बड़ा असर असामाजिक तत्वों पर पड़ने वाला है। चोरी, लूट और संदिग्ध गतिविधियों पर तुरंत प्रतिक्रिया देने के लिए स्थानीय सूचना तंत्र को फिर से सक्रिय किया गया है। जरूरत पड़ते ही क्षेत्रीय मुखबिरों से संपर्क कर कार्रवाई की जाएगी।
तकनीक पर निर्भरता से निकलकर जमीनी पुलिसिंग पर जोर
पिछले कुछ वर्षों में पुलिसिंग का बड़ा हिस्सा तकनीकी इनपुट और कैमरों पर निर्भर हो गया था। लेकिन अब Bilaspur Beat Policing System Restarted होने के बाद फील्ड पुलिसिंग को फिर से प्राथमिकता दी जा रही है। इससे उन मामलों में भी तेजी आएगी, जहां तकनीकी साक्ष्य उपलब्ध नहीं होते।
बल की कमी बनी चुनौती, फिर भी सिस्टम लागू
नई व्यवस्था के सामने सबसे बड़ी चुनौती मानव संसाधन की कमी है। कई बीट पर हेडकांस्टेबल और हवलदारों को अतिरिक्त जिम्मेदारी निभानी होगी। गश्त के साथ-साथ बीट डायरी की निगरानी भी उन्हीं पर होगी, जिससे कार्यभार बढ़ना तय है।
Bilaspur Beat Policing System Restarted से बढ़ेगी जवाबदेही
अधिकारियों का मानना है कि इस मॉडल से पुलिस की जवाबदेही तय होगी। बीट प्रभारी अपने क्षेत्र के हर छोटे-बड़े घटनाक्रम से अवगत रहेंगे, जिससे अपराध नियंत्रण के साथ-साथ जनता का भरोसा भी मजबूत होगा।
पुलिसिंग में कसावट और त्वरित सूचना तंत्र पर फोकस
नई बीट प्रणाली का अंतिम लक्ष्य साफ है—अपराध को होने से पहले रोकना। लगातार गश्त, स्थानीय जानकारी और फील्ड में मौजूद जवानों के जरिए पुलिस अब ज्यादा तेज और प्रभावी प्रतिक्रिया दे सकेगी।




