Bilaspur Bribery Case: बिलासपुर जिले के मस्तूरी क्षेत्र में एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने फूड इंस्पेक्टर को रिश्वत लेते हुए मौके पर धर दबोचा। शिकायत की पुष्टि के बाद तय योजना के तहत की गई इस कार्रवाई में आरोपी के पास से बड़ी रकम जब्त की गई। कार्रवाई के बाद इलाके में हलचल मच गई, वहीं विभागीय स्तर पर भी जवाबदेही को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
उचित मूल्य दुकान आवंटन के बदले मांगी गई रकम
शिकायतकर्ता के मुताबिक गांव की शासकीय उचित मूल्य दुकान का संचालन स्व-सहायता समूह को दिलाने के नाम पर जांच रिपोर्ट अनुकूल कराने का आश्वासन दिया गया था। इसी प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के एवज में कथित तौर पर अवैध मांग की गई। जांच एजेंसी ने शिकायत का सत्यापन किया और तय समय पर ट्रैप बिछाकर आरोपी को रकम स्वीकार करते हुए पकड़ लिया।
आरोपी के घर पर तलाशी, कानूनी कार्रवाई शुरू
रंगे हाथ गिरफ्तारी के बाद आरोपी के आवास पर तलाशी ली गई और बरामद राशि जब्त कर ली गई। एसीबी ने भ्रष्टाचार निवारण कानून के तहत केस दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि सबूतों के आधार पर कार्रवाई को तार्किक निष्कर्ष तक पहुंचाया जाएगा।
पहले हटाया गया, फिर उसी इलाके में दोबारा पोस्टिंग
मामले से जुड़ा एक अहम पहलू यह भी सामने आया कि कुछ समय पहले शिकायतों के बाद संबंधित अधिकारी को मस्तूरी क्षेत्र से हटाया गया था, लेकिन बाद में फिर उसी इलाके में पदस्थ कर दिया गया। इसी दौरान रिश्वतखोरी का मामला उजागर हुआ, जिससे प्रशासनिक निर्णयों की पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
संभाग में ट्रैप मामलों की बढ़ती संख्या पर नजर
एसीबी सूत्रों के अनुसार, बीते डेढ़ साल में बिलासपुर संभाग में रिश्वतखोरी के मामलों में कई ट्रैप कार्रवाई की गई हैं। इनमें राजस्व और आपूर्ति से जुड़े प्रकरणों की संख्या अधिक बताई जा रही है। एजेंसी ने स्पष्ट किया है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान आगे भी इसी सख्ती के साथ जारी रहेगा।






