Bilaspur Cyber Fraud : छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में ठगी का एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने पुलिस और आम जनता दोनों को हैरान कर दिया है। शहर के एक नामी वकील अरुण मिश्रा से कैंसर अस्पताल, ब्लाइंड इंस्टीट्यूट और लॉ कॉलेज खोलने के नाम पर 3 करोड़ 13 लाख रुपये की बड़ी ठगी की गई है। इस पूरी साजिश का मास्टरमाइंड कोई विदेशी नहीं, बल्कि बैंकिंग प्रणाली का जानकार एक युवक निकला, जिसने ‘ग्रेस डेविड’ नाम की स्कॉटिश महिला बनकर इस वारदात को अंजाम दिया।
ऐसे फंसाया निवेश के जाल में
ठगी की शुरुआत एक विदेशी नंबर से आए मैसेज से हुई, जिसमें भेजने वाले ने खुद को ब्रिटेन का डॉक्टर बताया। इसके बाद पीड़ित का संपर्क स्कॉटलैंड निवासी ‘ग्रेस डेविड’ नाम की महिला से कराया गया। महिला ने झांसा दिया कि वह भारत में रियल एस्टेट और सामाजिक कार्यों में 500 करोड़ रुपये निवेश करना चाहती है और उसे एक भरोसेमंद पार्टनर की तलाश है।
पीड़ित वकील इस झांसे में आ गए और उन्होंने प्रोजेक्ट रिपोर्ट तक तैयार करवा ली। आरोपी ने भरोसा जीतने के लिए 103 करोड़ रुपये का फर्जी डिमांड ड्राफ्ट (DD) भेजने का दावा किया।
किस्तों में ऐंठे 3.13 करोड़ रुपये
एक बार विश्वास जमने के बाद, ठगों ने असली खेल शुरू किया। 103 करोड़ के उस फर्जी डीडी को क्लियर कराने के नाम पर अलग-अलग बहानों से पैसे मांगे जाने लगे:
- प्रोसेसिंग फीस और टैक्स: विदेशी मुद्रा को भारतीय मुद्रा में बदलने के नाम पर।
- एंबेसी और आरबीआई क्लियरेंस: दूतावास और रिजर्व बैंक की फर्जी औपचारिकताओं का हवाला देकर।
- होटल और अन्य खर्च: अधिकारियों के रुकने और मीटिंग के नाम पर। जुलाई 2024 तक पीड़ित से कुल 3 करोड़ 13 लाख रुपये विभिन्न बैंक खातों में ट्रांसफर करा लिए गए।
हरियाणा का ‘बैंकिंग एक्सपर्ट’ निकला मास्टरमाइंड
जब लंबे समय तक कोई निवेश राशि प्राप्त नहीं हुई, तब पीड़ित ने पुलिस की शरण ली। बिलासपुर पुलिस की जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ। इस ठगी का मुख्य आरोपी हरियाणा के सोनीपत का रहने वाला नवीन जून निकला।
- बैंकिंग का जानकार: नवीन पहले बैंक में डायरेक्ट सेलिंग एजेंट रह चुका था, इसलिए उसे बैंकिंग प्रक्रियाओं और क्लियरेंस की गहरी जानकारी थी।
- फर्जी पहचान: उसने बैंक और एंबेसी के अधिकारियों के नाम पर फर्जी ईमेल आईडी बनाई और खुद ही अलग-अलग किरदार निभाकर वकील से बात करता रहा।
- गिरफ्तारी: पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर उसके पास से एक कार, मोबाइल, टैबलेट और लैपटॉप जब्त किया है।
पुलिस की चेतावनी
बिलासपुर पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि सोशल मीडिया या विदेशी नंबरों से मिलने वाले निवेश के लुभावने प्रस्तावों पर आंख मूंदकर भरोसा न करें। किसी भी बड़ी राशि के ट्रांजैक्शन से पहले संबंधित विभाग या बैंक से भौतिक रूप से पुष्टि जरूर करें। फिलहाल पुलिस इस गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी है।


