सीजी भास्कर, 17 जनवरी | बिलासपुर के सरकंडा क्षेत्र अंतर्गत विजयापुरम इलाके में शनिवार की सुबह कुछ अलग ही रही। Bilaspur Domestic Workers Strike के चलते यहां काम करने वाली करीब 400 घरेलू कामगार महिलाएं काम पर नहीं पहुंचीं। नतीजा यह हुआ कि इलाके के सैकड़ों घरों में रोजमर्रा की व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई।
1500 घरों पर सीधा असर
विजयापुरम में करीब 1500 मकान हैं, जहां घरेलू काम के लिए पास के अटल आवास से महिलाएं रोज आती हैं। लेकिन रास्ता बंद होने के कारण अब उन्हें 4 से 5 किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है। (Domestic Work Crisis) की वजह यही बनी, क्योंकि आने-जाने में समय और खर्च दोनों बढ़ गए हैं।
रास्ता बंद होने से बढ़ी परेशानी
हड़ताल कर रही बाइयों का कहना है कि अटल आवास से विजयापुरम को जोड़ने वाला पीछे का रास्ता बंद कर दिया गया है। इससे उन्हें लंबा चक्कर लगाना पड़ रहा है। उनकी प्रमुख मांग है कि या तो यह रास्ता खोला जाए, या फिर अतिरिक्त दूरी के लिए अलग से भाड़ा दिया जाए। (Blocked Access Issue) अब आंदोलन की मुख्य वजह बन चुका है।
चाय तक नहीं बनी
शनिवार सुबह हड़ताल का असर साफ दिखाई दिया। कई घरों में झाड़ू-पोछा नहीं हुआ, बर्तन ज्यों-के-त्यों पड़े रहे और हालात ऐसे बने कि कई परिवारों में सुबह की चाय तक नहीं बन पाई। गृहणियां घरेलू काम के लिए इंतजार करती रहीं, लेकिन कोई कामगार नहीं पहुंची।
वेतन, छुट्टी और पहचान पत्र
हड़ताल पर बैठी महिलाओं ने साफ तौर पर अपनी मांगें रखीं। उनका कहना है कि मौजूदा वेतन मेहनत के मुकाबले कम है, इसलिए सैलरी बढ़ाई जाए। महीने में कम से कम तीन दिन की छुट्टी बिना भुगतान कटौती के मिले। साथ ही सभी बाइयों के लिए आई-कार्ड बनाए जाएं, ताकि उनकी पहचान और सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। (Workers Demands) पर ठोस निर्णय तक आंदोलन जारी रखने की चेतावनी दी गई है।
गृहणियां सबसे ज्यादा परेशान
हड़ताल से सबसे ज्यादा असर घर संभालने वाली महिलाओं पर पड़ा। कई गृहणियों ने कहा कि एक दिन भी बिना बाइयों के पूरा घर संभालना आसान नहीं है। उन्हें उम्मीद है कि जल्द ही दोनों पक्षों के बीच बातचीत होगी और Bilaspur Domestic Workers Strike का समाधान निकलेगा।





