छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में बरामद 34 ग्राम हेरोइन केस की तह तक जाती जांच में अब सप्लाई चैन की जड़ पकड़ी गई है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, खेप की आवाजाही सीमावर्ती इलाकों से होती थी और वहां से नेटवर्क अलग-अलग राज्यों तक फैलाया गया। शुरुआती पूछताछ में पैकेजिंग, रूट और संपर्क बिंदुओं की जानकारी मिली है, जिससे (Bilaspur heroin supplier) नेटवर्क की कड़ियां खुलती जा रही हैं।
आसमान के रास्ते आती थी खेप
जांच एजेंसियों को संकेत मिले हैं कि सीमा पार से ड्रोन के जरिए नशीले पदार्थ भेजे जाते थे, फिर स्थानीय कूरियर चेन के जरिये भीतरूनी राज्यों तक पहुंचाए जाते थे। यह पैटर्न लंबे समय से सक्रिय रहा—कभी रात के वक्त ड्रॉप, तो कभी सुनसान खेतों में पिक-अप। अधिकारियों का कहना है कि (Drone drug smuggling India) के इस तरीक़े ने निगरानी को चुनौती दी, लेकिन हालिया तकनीकी सर्विलांस से कई कड़ियां चिन्हित हो चुकी हैं।
तरनतारन से गिरफ्तारी, सीमा महज़ कुछ कदम दूर
मुख्य सप्लायर की गिरफ्तारी पंजाब के तरनतारन जिला के सीमावर्ती गांव से हुई, जो भारत-पाक सीमा के बेहद नज़दीक बताया जा रहा है। पुलिस का आकलन है कि यहीं से खेप आगे बढ़ती थी और संपर्क सूत्रों के जरिए विभिन्न राज्यों में बांटी जाती थी। इस (Punjab border narco network) को तोड़ने के लिए ट्रांजिट रिमांड लेकर आरोपी से विस्तृत पूछताछ की तैयारी है।
कोर्ट में पेशी, पूछताछ का अगला दौर
गिरफ्तार आरोपी को एनडीपीएस कोर्ट में पेश किया जाएगा। विवेचना के दौरान डिजिटल सबूत, कॉल-डिटेल और भुगतान ट्रेल खंगाले जा रहे हैं। पुलिस का दावा है कि (NDPS crackdown Bilaspur) के तहत नेटवर्क के फाइनेंसर और लॉजिस्टिक हैंडलर तक पहुंचने के सुराग मिल चुके हैं।
कोड-वर्ड और मैसेजिंग ऐप से तालमेल
लेन-देन के लिए आरोपी अक्सर एन्क्रिप्टेड कोड-वर्ड का इस्तेमाल करते थे और संपर्क के लिए WhatsApp जैसे प्लेटफॉर्म पर बातचीत सीमित रखते थे। सर्विलांस टीम ने संदिग्ध चैट-पैटर्न, समय-सीमा और लोकेशन-मैचिंग से कड़ी तैयार की है। अधिकारियों के मुताबिक, (Bilaspur heroin supplier) केस में डिजिटल फॉरेंसिक निर्णायक भूमिका निभा रहा है।
त्योहारों से पहले सख्ती, फील्ड पर अलर्ट
आगामी त्योहारों को देखते हुए चेक-पोस्ट, बस-स्टैंड और हाईवे जंक्शनों पर निगरानी बढ़ाई गई है। ड्रोन-ड्रॉप संभावित क्षेत्रों में रात्री पेट्रोलिंग, थर्मल विज़न और स्थानीय इंटेलिजेंस को सक्रिय किया गया है। प्रशासन का कहना है कि (Drone drug smuggling India) जैसे रूट्स पर अब जीरो-टॉलरेंस नीति लागू रहेगी और नेटवर्क की हर कड़ी पर कार्रवाई जारी रहेगी।




