सीजी भास्कर, 21 फरवरी। छत्तीसगढ़ में निजी स्कूलों की परीक्षा व्यवस्था को लेकर बिलासपुर हाई कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने स्पष्ट (Bilaspur High Court Decision CG) किया है कि राज्य के निजी हिंदी और अंग्रेजी माध्यम स्कूलों में कक्षा 5वीं और 8वीं की वार्षिक परीक्षा आयोजित करने का अधिकार स्कूल शिक्षा विभाग के पास ही रहेगा। कोर्ट ने इस मामले में प्राइवेट स्कूल मैनेजमेंट एसोसिएशन की याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें विभाग के आदेश को चुनौती दी गई थी।
इस निर्णय के बाद माध्यमिक शिक्षा मंडल छत्तीसगढ़ से मान्यता प्राप्त लगभग 6200 निजी स्कूलों में इन कक्षाओं की परीक्षा अब सीधे स्कूल शिक्षा विभाग की देखरेख में आयोजित की जाएगी। इससे परीक्षा प्रक्रिया पर विभाग की निगरानी मजबूत होगी और यह सुनिश्चित किया जा सकेगा कि सभी स्कूल निर्धारित नियमों और मानकों का पालन करें।
स्कूल मैनेजमेंट एसोसिएशन ने याचिका में तर्क दिया था कि इस फैसले से निजी स्कूलों की प्रशासनिक स्वतंत्रता (Bilaspur High Court Decision CG) प्रभावित होगी। हालांकि, अदालत ने विभाग के अधिकार को वैध ठहराते हुए कहा कि परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और नियंत्रण बनाए रखना आवश्यक है, ताकि छात्रों के हितों की रक्षा हो सके।
मामले में हस्तक्षेप करते हुए एक याचिकाकर्ता ने अदालत को बताया कि कई मामलों में स्कूलों की मान्यता और परीक्षा से जुड़ी जानकारी को लेकर अभिभावकों और छात्रों को भ्रमित किया जाता है। उन्होंने कहा कि सरकारी निगरानी से ऐसी अनियमितताओं पर रोक लगाने में मदद मिलेगी और छात्रों का भविष्य सुरक्षित रहेगा।
इस फैसले के बाद अब निजी स्कूलों को परीक्षा आयोजन के लिए शिक्षा विभाग के दिशा-निर्देशों का पालन करना अनिवार्य होगा। इससे राज्य में परीक्षा प्रणाली को एक समान और व्यवस्थित बनाने में मदद मिलेगी, साथ ही फर्जी या अनियमित रूप से संचालित संस्थानों पर भी नियंत्रण मजबूत होगा।
वहीं, प्राइवेट स्कूल मैनेजमेंट एसोसिएशन ने संकेत दिया है कि वह इस फैसले को डिवीजन (Bilaspur High Court Decision CG) बेंच में चुनौती देगा। एसोसिएशन का कहना है कि आदेश की विस्तृत प्रति मिलने के बाद आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
हाई कोर्ट का यह फैसला छत्तीसगढ़ की शिक्षा व्यवस्था में एक महत्वपूर्ण बदलाव के रूप में देखा जा रहा है, जिसका असर बड़ी संख्या में निजी स्कूलों, छात्रों और अभिभावकों पर पड़ेगा।






