सीजी भास्कर, 11 दिसंबर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में हुए ट्रक ड्राइवर हत्या कांड का पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा (Bilaspur Murder Case) किया है। सिरगिट्टी थाना क्षेत्र में 7 नवंबर को होटल ग्रैंड लोटस के पीछे झाड़ियों में अधजली हालत में मिले शव की पहचान उत्तर प्रदेश के सोनभद्र निवासी 26 वर्षीय गोपाल कोल के रूप में हुई। वह ट्रक ड्राइवर था और बीते एक महीने से लापता बताया जा रहा था। पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों अरुण मानिकपुरी (30) और धनेश लोधी उर्फ राजू (34) को गिरफ्तार किया है, जिन्होंने शराब के नशे में पहले विवाद किया, फिर हत्या कर शव जलाने की कोशिश की।
पुलिस जांच के अनुसार घटना की रात गोपाल शराब दुकान के पास शराब पी रहा था। इसी दौरान वहां अरुण और धनेश भी सब्जी मंडी के पीछे शराब पीने पहुंचे थे। नशे (Bilaspur Murder Case) में हुई मामूली कहासुनी गाली-गलौज में बदली और फिर दोनों पक्षों में मारपीट शुरू हो गई। विवाद बढ़ने पर आरोपियों ने पत्थर उठाकर गोपाल के सिर पर कई बार वार किया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। इसके बाद दोनों ने शव को कूड़े के ढेर तक घसीटा और सबूत मिटाने के लिए उसे जला दिया। अपने शरीर और कपड़ों पर लगे खून के निशान छिपाने के लिए उन्होंने उसी जगह अपने कपड़े भी आग के हवाले कर दिए।
हत्या के बाद आरोपी अरुण घबराकर प्रयागराज भाग गया, जहां उसने गंगा स्नान और मुंडन कर ‘पाप’ धोने की कोशिश की। जबकि धनेश बिलासपुर में ही छिपा रहा। कुछ दिनों बाद अरुण वापस लौटा तो दोनों पहले की तरह साथ घूमने लगे। इसी दौरान शराब के नशे में उन्होंने अपने दोस्तों के सामने हत्या का राज खोल दिया। यह सूचना पुलिस तक पहुंची और मुखबिरों को सक्रिय किया गया।
आरोपियों को पकड़ने के लिए पुलिस ने एक रणनीति (Bilaspur Murder Case) बनाई। सरकंडा और सिविल लाइन थाने के तीन आरक्षकों को शराबियों के भेष में शहर के अलग-अलग शराब अड्डों पर रेकी के लिए लगाया गया। लगातार निगरानी के बाद दोनों के ठिकानों का सुराग मिला। पुलिस ने तिफरा स्थित अभिलाषा परिसर से अरुण को पकड़ा, जहां उसने पूछताछ में पूरी वारदात स्वीकार कर ली। इसके बाद धनेश को यतायात नगर से गिरफ्तार किया गया।
जांच में यह भी सामने आया कि दोनों आरोपी सनकी और आपराधिक प्रवृत्ति के हैं। हत्या के बाद चार दिनों के भीतर उन्होंने मन्नाडोल में एक मेटाडोर में आग लगाने और एक वकील के घर में चोरी जैसे अपराध भी किए। पुलिस अब तक 4050 से अधिक लोगों के बयान दर्ज कर चुकी है और अन्य मामलों में भी दोनों आरोपियों पर कार्रवाई जारी है। यह पूरा मामला न केवल क्रूरता, बल्कि अपराधियों की मानसिकता का भी खतरनाक उदाहरण है, जिसने शहर को हिलाकर रख दिया है।





