Bilaspur Police Daughters Success : जोनल पुलिस अधीक्षक कार्यालय (विशेष शाखा), बिलासपुर में कार्यरत दो प्रधान आरक्षकों के परिवारों के लिए आज का दिन यादगार बन गया। एक ओर स्वाति पैंकरा ने प्रथम प्रयास में सिविल जज (व्यवहार न्यायाधीश, कनिष्ठ श्रेणी) परीक्षा 2024 में चयन पाया, वहीं संध्या कौशिक ने एमबीबीएस में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर पाँच गोल्ड मेडल जीतकर जिले का नाम रोशन किया—यह उपलब्धि (Academic Excellence) का मजबूत उदाहरण है।
स्वाति पैंकरा की पहली ही कोशिश में बड़ी कामयाबी
प्रधान आरक्षक (चालक) सतलोक साय पैंकरा की पुत्री स्वाति पैंकरा ने 2024 में डी.पी. विप्र लॉ कॉलेज से बीएएलएलबी पूरी करने के साथ ही सिविल जज परीक्षा की तैयारी की। सीमित संसाधनों के बीच निरंतर पढ़ाई, मॉक-टेस्ट और सिलेबस-आधारित रणनीति के जरिए उन्होंने पहले ही प्रयास में चयन हासिल किया—इसे (First Attempt Success) की प्रेरक कहानी माना जा रहा है।
संध्या कौशिक का मेडिकल में रिकॉर्ड प्रदर्शन
प्रधान आरक्षक उमाकांत कौशिक की पुत्री संध्या कौशिक ने नीट (छत्तीसगढ़) में चयन के बाद सिम्स बिलासपुर से एमबीबीएस किया। पढ़ाई के दौरान सर्वोच्च अंक और विशिष्ट उपलब्धियों के लिए उन्हें कुल पाँच गोल्ड मेडल मिले—यह उपलब्धि (Medical Merit Awards) की श्रेणी में गिनी जा रही है। वर्तमान में वे Care Hospitals, Hyderabad में रेडियोलॉजी में पीजी कर रही हैं।
विभाग और शिक्षकों ने सराहा जज़्बा
जोनल पुलिस अधीक्षक दीपमाला कश्यप सहित वरिष्ठ अधिकारियों ने दोनों बेटियों की मेहनत और अनुशासन की सराहना की। विभागीय साथियों का कहना है कि इस तरह की उपलब्धियाँ युवाओं में लक्ष्य-निर्धारण और निरंतर अभ्यास की संस्कृति को बढ़ावा देती हैं—यह पहल (Role Model Effect) के तौर पर देखी जा रही है।
नई पीढ़ी के लिए संदेश
दोनों सफलताओं ने यह संदेश दिया कि पारिवारिक जिम्मेदारियों और सीमित संसाधनों के बावजूद सही मार्गदर्शन, टाइम-टेबल और निरंतर अभ्यास से बड़े लक्ष्य हासिल किए जा सकते हैं। जिले के शिक्षा संगठनों का मानना है कि ऐसी कहानियाँ छात्रों में आत्मविश्वास जगाती हैं—इसे (Student Motivation) की दिशा में सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।






