सीजी भास्कर, 27 अक्टूबर |Bilaspur Religious Conversion Case : आस्था की आड़ में धर्मांतरण का आरोप, मस्तूरी पुलिस की त्वरित कार्रवाई से खुला पूरा मामला
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर (Bilaspur Religious Conversion Case) में रविवार को धर्म परिवर्तन को लेकर एक बड़ा मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि एक निजी मकान में प्रार्थना सभा (Prayer Meeting) के नाम पर लोगों को ब्रेनवॉश कर धर्म बदलने के लिए प्रेरित किया जा रहा था। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई करते हुए पति-पत्नी समेत छह लोगों को हिरासत में लिया। सभी पर धर्म स्वातंत्र्य अधिनियम और BNS Sections के तहत केस दर्ज किया गया है।
शिकायत पर पहुंची पुलिस, मौके से मिला सबूत
मस्तूरी थाना क्षेत्र के ग्राम हिर्री में रविवार दोपहर यह पूरा मामला सामने आया। एक स्थानीय व्यापारी ने पुलिस को शिकायत दी थी कि इलाके में प्रार्थना सभा (Religious Gathering) के बहाने धर्मांतरण की कोशिश की जा रही है। शिकायत मिलते ही पुलिस ने दबिश दी तो वहां दर्जनों लोग मौजूद मिले, जिनमें महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग शामिल थे।
Bilaspur Religious Conversion Case : लालच और झांसे में फंसाने का आरोप
पुलिस सूत्रों के अनुसार, आरोपित लोगों ने भोजन, स्वास्थ्य लाभ और आर्थिक मदद का लालच देकर लोगों को सभा में बुलाया था। वहां मौजूद लोगों से कहा जा रहा था कि “विश्वासी बनो, जीवन की परेशानियां खत्म हो जाएंगी।” इसी आधार पर यह Religious Conversion Attempt माना जा रहा है।
पति-पत्नी समेत छह आरोपी गिरफ्तार
इस पूरे मामले में पुलिस ने गोरेलाल टंडन, उनकी पत्नी सहोद्रा टंडन, हरानंद टंडन, जयपाल केंवट, ज्योतिष अंचल और कुमार तरूण सूर्यवंशी को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया कि यह लोग पिछले कई महीनों से इसी तरह के प्रार्थना कार्यक्रम आयोजित कर रहे थे। फिलहाल सभी से पूछताछ जारी है।
Bilaspur Religious Conversion Case : पुलिस ने शुरू की आगे की कार्रवाई
बिलासपुर पुलिस ने बताया कि मामले की जांच जारी है और अगर अन्य लोगों की भूमिका पाई गई तो और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि किसी भी व्यक्ति को धर्म परिवर्तन (Conversion Pressure) के लिए बाध्य करना गैरकानूनी है और ऐसी गतिविधियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।





