सीजी भास्कर, 30 अक्टूबर। सनसनीखेज गोलीकांड (Bilaspur Shooting Case) का पुलिस ने 24 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया है। पुलिस ने वारदात में शामिल सात आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है, जिनमें दो नाबालिग भी शामिल हैं। गिरफ्तार आरोपितों के कब्जे से देसी पिस्टल, कट्टा, मैगजीन, जिंदा कारतूस और मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। पूछताछ में सामने आया है कि मुख्य आरोपित ने जमीन विवाद और राजनीतिक वर्चस्व (Bilaspur Shooting Case) को लेकर यह हमला अपने भाइयों के साथ मिलकर रचा था।
बिलासपुर एसएसपी रजनेश सिंह ने बताया कि मंगलवार शाम करीब छह बजे मस्तूरी जनपद उपाध्यक्ष नितेश सिंह अपने रिश्तेदारों के साथ निजी कार्यालय में बैठे थे। तभी बाइक सवार चार लोगों ने वहां पहुंचकर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी गोली चलने पर हमलावर भाग निकले। इस हमले में बस एजेंट राजू सिंह और मुढ़पार के पूर्व सरपंच चंद्रभान सिंह घायल हुए, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया।
इधर मामले की जांच के लिए एएसपी सिटी राजेंद्र जायसवाल, एएसपी ग्रामीण अर्चना झा और एसीसीयू प्रभारी अनुज कुमार के नेतृत्व में छह टीम गठित की गईं। पुलिस ने 100 से अधिक CCTV फुटेज खंगाले और तकनीकी साक्ष्यों की मदद से आरोपितों तक पहुंच बनाई। जांच के बाद सातों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस का कहना है कि अब मुख्य साजिशकर्ता से और पूछताछ की जा रही है ताकि इस (Bilaspur Shooting Case) की पूरी पृष्ठभूमि स्पष्ट हो सके।
24 घंटे में पुलिस की बड़ी कार्रवाई
बिलासपुर पुलिस ने 24 घंटे के भीतर मस्तूरी गोलीकांड का खुलासा कर सात आरोपितों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, यह हमला जमीन विवाद और राजनीतिक वर्चस्व को लेकर रचा गया था। गिरफ्तार आरोपितों में विश्वजीत अनंत, अरमान उर्फ बलमजीत अनंत, चाहत उर्फ विक्रमजीत, मोहम्मद मुस्तकीम, मोहम्मद मतीन, और दो नाबालिग शामिल हैं। टीम ने आरोपितों से दो देशी पिस्टल, एक कट्टा, पांच मैगजीन, चार जिंदा कारतूस, 13 खोखे और 10 फायर गोलियां बरामद कीं। मुख्य आरोपी से पूछताछ जारी है, पुलिस ने राजनीतिक साजिश की भी जांच शुरू कर दी है।





