सीजी भास्कर, 31 मई : छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले के बिल्हा विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत ग्राम गोढ़ी में सरकार की ओर से आयोजित ‘सुशासन तिहार’ शिविर उस समय एक हाई-प्रोफाइल सियासी जंग (Bilha Godhi Dispute) के मैदान में तब्दील हो गया, जब मंच पर ही भारतीय जनता पार्टी (BJP) के कद्दावर विधायक व पूर्व विधानसभा अध्यक्ष धरमलाल कौशिक और वरिष्ठ कांग्रेस नेता राजेंद्र शुक्ला के बीच बेहद तीखी और आक्रामक बहस हो गई।
जनता की समस्याओं के निवारण के लिए लगे इस सरकारी शिविर में उस वक्त भारी तनाव फैल गया, जब कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मंच के सामने आक्रामक अंदाज में नारेबाजी शुरू कर दी। इस पूरी घटना का एक सनसनीखेज वीडियो अब सोशल मीडिया पर आग की तरह वायरल हो रहा है, जिसने प्रदेश की ब्यूरोक्रेसी और राजनीतिक ढर्रे पर कई कड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
दरअसल, इस हाई-वोल्टेज ड्रामे के पीछे ग्रामीण अंचलों की बदहाली और प्रशासनिक सुस्ती का एक गहरा सस्पेंस छुपा हुआ था। सुशासन तिहार शिविर में सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण बिजली, पानी और अपनी कड़े जमीनी मुद्दों की शिकायतें लेकर पहुंचे थे।
इसी दौरान मंच पर मौजूद कांग्रेस नेता राजेंद्र शुक्ला ने किसानों को समय पर खाद-बीज न मिलने, गांवों में बिजली-पानी के गंभीर मानवीय संकट, जर्जर सड़कों और अन्य मूलभूत सुविधाओं की विफलता का मुद्दा उठाते हुए सीधे अधिकारियों को कटघरे में खड़ा कर दिया। उन्होंने खुलेआम आरोप लगाया कि सरकारी योजनाओं का क्रियान्वयन पूरी तरह फेल हो चुका है और अधिकारी बंद कमरों में बैठकर फाइलों के ढर्रे को दबाए बैठे हैं, जिससे आम जनता की शिकायतों का समय पर कोई समाधान नहीं हो पा रहा है।
अफसरों के फूले हाथ-पांव
इस तीखे और सीधे प्रशासनिक प्रहार के बाद मंच का माहौल अचानक बेहद गर्मा गया। कांग्रेस नेता द्वारा उठाए गए इन कड़े और आक्रामक सवालों के जवाब में जब बिल्हा विधायक धरमलाल कौशिक ने माइक संभाला और साय सरकार की विकास योजनाओं का कूटनीतिक पक्ष रखना शुरू किया, तो दोनों नेताओं के बीच जुबानी जंग शुरू हो गई। बहस इतनी आगे बढ़ गई कि दोनों पक्षों के समर्थक आमने-सामने आ गए। इसी बीच, कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने एक कड़ा नियम तोड़ते हुए मंच के ठीक सामने ‘चोर-चोर’ के आक्रामक नारे लगाने शुरू कर दिए।
“शासकीय मंच पर जनता की समस्याओं के समाधान के बजाय ‘चोर-चोर’ की नारेबाजी ने सुशासन की धज्जियां उड़ा दीं। विपक्ष की इस आक्रामक नारेबाजी से नाराज होकर खुद वरिष्ठ विधायक धरमलाल कौशिक भी अपना आपा खो बैठे और उन्होंने मंच से ही बेहद तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कथित तौर पर आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल कर डाला।”
मंच पर दोनों ही बड़े नेताओं को इस कदर भिड़ते देख वहां मौजूद प्रशासनिक अधिकारियों, पुलिस बल और स्थानीय जनप्रतिनिधियों के हाथ-पांव फूल गए। अधिकारियों ने तत्काल बीच-बचाव करते हुए दोनों पक्षों को कड़ाई से शांत कराया, जिसके बाद किसी तरह हालात पर काबू पाया जा सका। लेकिन तब तक इस पूरी घटना की गति (Bilha Godhi Dispute) कैमरों में कैद हो चुकी थी और देखते ही देखते यह वीडियो बिलासपुर सहित पूरे छत्तीसगढ़ के सियासी गलियारों में एक बड़ा सस्पेंस बन गया।
दोनों नेताओं ने दी अपनी-अपनी कड़ाई से सफाई
इस पूरे वायरल वीडियो और मचे राजनीतिक बवाल पर अपनी कूटनीतिक सफाई देते हुए बीजेपी विधायक धरमलाल कौशिक ने इसे किसी भी तरह का व्यक्तिगत विवाद मानने से साफ इनकार कर दिया है। उन्होंने पलटवार करते हुए कहा कि, सुशासन तिहार का पवित्र उद्देश्य जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान करना है। कांग्रेस नेता जानबूझकर अधिकारियों के ऊपर ऊंची आवाज में चिल्लाकर शासकीय कार्य के ढर्रे में व्यवधान उत्पन्न कर रहे थे। लोकतंत्र में सभी को अपनी बात रखने का अधिकार है, लेकिन एक सरकारी मंच की गरिमा को गिराकर हुड़दंग मचाना किसी भी तरह से उचित नहीं है।
इसके विपरीत, कांग्रेस नेता राजेंद्र शुक्ला अपने स्टैंड पर पूरी तरह अड़े हुए हैं। उन्होंने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि जब उन्होंने क्षेत्र के विकास कार्यों और किसानों की बदहाली पर कड़े सवाल दागे, तो शिविर में मौजूद किसी भी बड़े अधिकारी के पास उसका कोई संतोषजनक जवाब नहीं था। जब प्रशासन की इस अमानवीय विफलता का सस्पेंस खुला, तो वहां मौजूद पीड़ित ग्रामीणों ने भी अपनी दबी हुई समस्याओं को लेकर खुलकर चिल्लाना शुरू कर दिया, जिससे सत्तापक्ष घबरा गया।
अब सबसे बड़ा राजनीतिक सस्पेंस और चुनौती यह है कि क्या इस घटना के बाद बिलासपुर जिला प्रशासन इन शिविरों में आने वाले आवेदनों के निराकरण की गति (Bilha Godhi Dispute) को बढ़ाएगा, या फिर यह विवाद आने वाले दिनों में बीजेपी और कांग्रेस के बीच एक और बड़े आक्रामक आंदोलन का रूप लेगा? बहरहाल, गोढ़ी के इस सुशासन तिहार ने यह तो साफ कर दिया है कि छत्तीसगढ़ में बुनियादी मुद्दों को लेकर अब सत्ता और विपक्ष के बीच आर-पार की लड़ाई शुरू हो चुकी है।




