सीजी भास्कर, 21 मार्च। राज्य स्तरीय प्रशासनिक परीक्षा (PSC) में बायो टेक विषय के शामिल होने के युवाओं में असमंजस की स्थिति को साफ करने वैशाली नगर विधायक रिकेश सेन ने छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र में तारांकित प्रश्न किया है। उनके जवाब में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सदन को बताया कि बायोटेक विषय में स्नातक उपाधि धारित युवा राज्य स्तरीय प्रशासनिक परीक्षा में शामिल हो सकते हैं।
वैशाली नगर विधायक रिकेश सेन के प्रश्न पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बताया कि राज्य सेवा परीक्षा नियम 2008 के अनुसार न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता उम्मीदवार के पास भारत में केन्द्रीय या राज्य विधान मण्डलों के अधिनियम द्वारा निगमित/समाविष्ट विश्वविद्यालयों में से किसी विश्वविद्यालय की या संसद के किसी अधिनियम द्वारा स्थापित या विश्वविद्यालय अनुदान आयोग अधिनियम 1956 की धारा-3 के अधीन विश्वविद्यालय मानी गई किसी शैक्षणिक संस्था की उपाधि होनी चाहिए अथवा उसके समकक्ष अर्हता होनी चाहिए। यदि अभ्यर्थी उक्तानुसार “बायोटेक” विषय में स्नातक उपाधि धारित करता है, तब वह परीक्षा में सम्मिलित हो सकेगा।
क्या है बायोटेक, कितना उपयोगी है बायोटेक का ज्ञान
आपको बता दें कि जैव प्रौद्योगिकी या बायोटेक, जीवित जीवों, कोशिकाओं और जैविक प्रक्रियाओं का इस्तेमाल करके उत्पाद और तकनीकें विकसित करने का विज्ञान है। यह एक तेज़ी से बढ़ता क्षेत्र है। बायोटेक जैविक इंजीनियरिंग और कंप्यूटर साइंस का मिश्रण है जिसके लिए युवा ग्रेजुएशन बाद अपने ज्ञान से दवा, बीयर, खाद्य उत्पादन, ईंधन उत्पादन, रासायनिक विनिर्माण, जैव विविधता के लिए प्रजनन, हथियारों के उत्पादन में महति भूमिका अदा कर सकते हैं। मानव स्वास्थ्य, कृषि और पर्यावरण को बेहतर बनाने में भी बायोटेक मदद करता है। दुर्बल करने वाली और दुर्लभ बीमारियों से लड़ने में भी बायोटेक विषय विशेष सहयोगी है। पर्यावरण पर पड़ने वाले प्रभाव को भी बायोटेक से कम करने में मदद मिलती है।