Bird Flu Alert Bilaspur 2026 : Bilaspur जिले के कोनी स्थित शासकीय पोल्ट्री फार्म में 5 हजार से अधिक मुर्गे-मुर्गियों की अचानक मौत ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। शुरुआती संकेतों के आधार पर बर्ड फ्लू की आशंका जताई जा रही है, हालांकि इसकी पुष्टि जांच रिपोर्ट के बाद ही होगी।
नमूने भोपाल लैब भेजे गए, रिपोर्ट का इंतजार
मामले की गंभीरता को देखते हुए मृत पक्षियों के सैंपल जांच के लिए भोपाल लैब भेजे गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि मौत की असली वजह क्या है।
पोल्ट्री फार्म सील, 5 किलोमीटर क्षेत्र संवेदनशील घोषित
एहतियात के तौर पर पोल्ट्री फार्म को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है। साथ ही आसपास के 5 किलोमीटर दायरे को संवेदनशील घोषित करते हुए सतर्कता बढ़ा दी गई है। मृत पक्षियों को जमीन में दफन कर सुरक्षित तरीके से नष्ट किया गया है।
सरकारी योजना से जुड़ा है पोल्ट्री फार्म
यह पोल्ट्री फार्म सरकार द्वारा संचालित है, जहां अनुसूचित जाति और जनजाति वर्ग के किसानों को मुर्गी पालन के लिए चूजे उपलब्ध कराए जाते हैं। यहां सामान्य तौर पर 6 हजार से अधिक मुर्गे-मुर्गियों का पालन किया जाता था।
18 मार्च से शुरू हुई मौतें, पांच दिन में बढ़ा आंकड़ा
जानकारी के अनुसार 18 मार्च से मुर्गियों की मौत शुरू हुई थी। शुरुआत में इसे सामान्य बीमारी समझा गया, लेकिन जैसे-जैसे संख्या बढ़ती गई, मामला गंभीर होता चला गया और पांच दिनों के भीतर मौत का आंकड़ा 5 हजार के पार पहुंच गया।
विशेषज्ञ टीम जांच में जुटी, रिपोर्ट के बाद होगा बड़ा फैसला
राज्य स्तरीय विशेषज्ञ टीम मौके पर पहुंचकर जांच कर रही है। पशु चिकित्सा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि अगर बर्ड फ्लू की पुष्टि होती है, तो प्रभावित क्षेत्र में अन्य पक्षियों को भी नष्ट करने जैसे सख्त कदम उठाए जा सकते हैं।
पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले
प्रदेश में इससे पहले भी बर्ड फ्लू के मामले सामने आ चुके हैं, इसलिए प्रशासन इस बार किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरतना चाहता। लगातार निगरानी रखी जा रही है और हर गतिविधि पर नजर बनी हुई है।


