सीजी भास्कर, 19 जनवरी | BJP President Election Controversy: रायपुर में भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चुनाव को लेकर सियासी माहौल गरमा गया है। कांग्रेस ने इस प्रक्रिया पर सवाल खड़े करते हुए इसे लोकतांत्रिक नहीं, बल्कि पूर्वनिर्धारित करार दिया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि भाजपा में चुनाव सिर्फ औपचारिकता हैं, असली फैसले पर्दे के पीछे होते हैं.
‘चुनाव नहीं, मनोनयन की परंपरा’
दीपक बैज ने तंज कसते हुए कहा कि भाजपा में अध्यक्ष वोट से नहीं, बल्कि “रिमोट कंट्रोल” से तय होता है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस में खुली चुनाव प्रक्रिया होती है, जहां मल्लिकार्जुन खड़गे ने लोकतांत्रिक तरीके से राष्ट्रीय अध्यक्ष का पद हासिल किया, जबकि भाजपा में नाम पहले तय होते हैं, बाद में घोषणा होती है.
नितिन नबीन के नाम पर कटाक्ष
राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए नितिन नबीन के नाम की चर्चा पर प्रतिक्रिया देते हुए बैज ने कहा कि भाजपा में चेहरा कोई भी हो, फैसले वही पुराने हाथों में रहते हैं। उन्होंने दावा किया कि वहां अध्यक्ष पद महज एक औपचारिक जिम्मेदारी बनकर रह गया है.
‘मनरेगा बचाओ संग्राम’ तेज
मनरेगा बचाओ संग्राम को लेकर कांग्रेस ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। बैज ने बताया कि कांग्रेस कार्यकर्ता गांव-गांव जाकर लोगों को योजना से जुड़े तथ्यों की जानकारी दे रहे हैं। अब तक 40 किलोमीटर से अधिक की पदयात्रा हो चुकी है और महासमुंद सहित कई जिलों में यह अभियान जारी है.
योजना का नाम बदलने पर सवाल
दीपक बैज ने आरोप लगाया कि सरकार मनरेगा का स्वरूप बदलकर ग्रामीण रोजगार को कमजोर करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों की स्पष्ट मांग है कि इस योजना को किसी भी रूप में समाप्त नहीं किया जाना चाहिए, क्योंकि यह मजदूरों की जीवनरेखा है।
सरकार की दो साल की परीक्षा
सरकार के दो साल पूरे होने पर कांग्रेस ने खुली बहस की चुनौती दी है। बैज ने कहा कि अगर सरकार में आत्मविश्वास है, तो मुख्यमंत्री समय और स्थान तय करें। कांग्रेस सरकार की नीतियों, फैसलों और नाकामियों पर सार्वजनिक चर्चा के लिए पूरी तरह तैयार है.
सोनिया गांधी पर टिप्पणी पर आपत्ति
सोनिया गांधी पर की गई टिप्पणी को लेकर बैज ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि इस तरह की भाषा लोकतांत्रिक मर्यादाओं के खिलाफ है और जिम्मेदार नेताओं को सार्वजनिक जीवन में संयम बरतना चाहिए।
वर्तमान से ध्यान भटका रही सरकार
बैज ने 2026 बजट और कैबिनेट बैठकों पर सवाल उठाते हुए कहा कि बड़े-बड़े दावे किए जा रहे हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर फैसलों का असर दिखाई नहीं देता। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार भविष्य की बातें कर वर्तमान समस्याओं से मुंह मोड़ रही है।
कोर्ट आदेश के बावजूद नियुक्ति नहीं
D.Ed अभ्यर्थियों और रसोईया संघ के आंदोलन का जिक्र करते हुए बैज ने कहा कि न्यायालय के स्पष्ट निर्देशों के बाद भी सरकार नियुक्ति प्रक्रिया पूरी नहीं कर रही। उन्होंने इसे युवाओं के भविष्य के साथ अन्याय बताया।
‘चूहे नहीं, सिस्टम जिम्मेदार’
धान उठाव में देरी को लेकर बैज ने कहा कि हजारों क्विंटल धान खुले में पड़ा है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि नुकसान चूहों से नहीं, बल्कि लापरवाह व्यवस्था से हो रहा है। कांग्रेस ने जनता के हित में संघर्ष जारी रखने का ऐलान किया।




