सीजी भास्कर, 26 दिसंबर। दुर्ग जिले में Black Magic Crime Durg का एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने समाज में अंधविश्वास और भरोसे की आड़ में पनप रहे अपराधों को फिर से उजागर कर दिया है। एक नाबालिग लड़की की बीमारी का फायदा उठाकर आरोपी ने झाड़फूंक का सहारा लिया और घर के भीतर ही विश्वास जीत लिया।
खुद को तांत्रिक बताकर रचा पूरा खेल
जांच में सामने आया कि आरोपी खुद को इलाके में प्रभावशाली बैगा बताता था। वह बीमारियों को “बाहरी साया” और “ऊपरी प्रभाव” बताकर लोगों को डराता और झाड़फूंक के नाम पर अपने पास बुलाता था। यही तरीका उसने इस परिवार के साथ भी अपनाया, जो बाद में Black Magic Crime Durg की बड़ी वजह बना।
नींबू फेंकने का बहाना, नर्सरी में ले जाकर अपराध
झाड़फूंक के बाद आरोपी ने कथित अनुष्ठान पूरा करने के नाम पर नाबालिग को नींबू फेंकने का बहाना बनाया। वह बच्ची को घर से दूर एक नर्सरी में ले गया, जहां डर और धमकी देकर उसके साथ दुष्कर्म किया गया। आरोपी ने घटना उजागर करने पर जान से मारने की धमकी भी दी।
डर के साए में दो दिन की चुप्पी
घटना के बाद पीड़िता भय के कारण चुप रही। मानसिक दबाव और डर की वजह से वह किसी को कुछ नहीं बता पाई। दो दिन बाद हिम्मत जुटाकर उसने अपनी मां को पूरी आपबीती बताई, जिसके बाद मामला सामने आया और Black Magic Crime Durg की परतें खुलीं।
पुलिस कार्रवाई : आरोपी हिरासत में, जुर्म कबूल
शिकायत मिलते ही पुलिस ने मामला दर्ज कर त्वरित जांच शुरू की। आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, जहां उसने अपराध स्वीकार कर लिया। पुलिस ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
सवालों के घेरे में अंधविश्वास
यह मामला सिर्फ एक अपराध नहीं, बल्कि समाज में फैले अंधविश्वास पर भी बड़ा सवाल खड़ा करता है। Black Magic Crime Durg जैसी घटनाएं बताती हैं कि झाड़फूंक और चमत्कार के नाम पर कैसे मासूमों को निशाना बनाया जा रहा है। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और ऐसे दावों से दूर रहने की अपील की है।






