सीजी भास्कर, 18 जनवरी। महाराष्ट्र के नगर निकाय चुनाव में उद्धव ठाकरे के गुट वाली शिवसेना को उम्मीद के मुताबिक सफलता नहीं मिली। बीएमसी चुनाव परिणाम (BMC Election Result 2026) के बाद अपने समर्थकों को संबोधित करते हुए उद्धव ठाकरे ने कहा कि पार्टी को मिली जीत या हार किसी एक चेहरे की वजह से नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर काम करने वाले उन कार्यकर्ताओं की बदौलत है जिन्होंने विपरीत परिस्थितियों में भी पार्टी का साथ नहीं छोड़ा।
उन्होंने कहा, “मैं सिर्फ एक चेहरा हूं, लेकिन जीत के असली वास्तुकार वे शिवसैनिक हैं जो गली-मोहल्लों में खड़े रहे और पार्टी की विचारधारा के लिए डटे रहे।” ठाकरे ने यह भी स्वीकार किया कि यह चुनाव बेहद कठिन परिस्थितियों में लड़ा गया, जहां न सत्ता उनके पास थी, न संसाधन और न ही संस्थागत ताकत।
माटी से जुड़ी शिवसेना को कोई खत्म नहीं कर सकता
उद्धव ठाकरे ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि विरोधियों की यह गलतफहमी है कि कागज और पार्टी का चुनाव चिन्ह छीनकर शिवसेना को खत्म किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि शिवसेना माटी से जुड़ी हुई पार्टी है और उसे कोई समाप्त नहीं कर सकता। बीएमसी चुनाव परिणाम (BMC Election Result 2026) को लेकर उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सत्ताधारी गठबंधन ने धनबल का इस्तेमाल कर लोगों में फूट डालने और दलबदल को बढ़ावा देने का काम किया।
ठाकरे के मुताबिक जो लोग पार्टी छोड़कर सत्ता के साथ चले गए, वे भले ही आज सत्ता के करीब हों, लेकिन असली शिवसैनिक की निष्ठा आज भी अडिग है और उसे किसी भी कीमत पर खरीदा नहीं जा सकता। उन्होंने कहा कि यह लड़ाई सत्ता की नहीं, बल्कि विचारधारा और आत्मसम्मान की है।
कार्यकर्ताओं से की एकजुट रहने की अपील
यूबीटी गुट प्रमुख ने कहा कि उन्होंने यह सियासी लड़ाई बिना किसी सुविधा और बड़े संसाधनों के लड़ी है। उन्होंने कहा, “हमारे पास दिल और जज़्बा है, उनके पास सिर्फ पैसा है।” बीएमसी चुनाव परिणाम (BMC Election Result 2026) का जिक्र करते हुए उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपील की कि यह संघर्ष यहीं खत्म नहीं होता।
ठाकरे ने कहा कि पार्टी को आने वाले समय में और मजबूती के साथ खड़ा करना है और इसके लिए हर कार्यकर्ता को एकजुट रहना होगा। उन्होंने भरोसा जताया कि शिवसेना फिर से उठेगी और जनता के बीच अपनी मजबूत पहचान बनाएगी।




