सीजी भास्कर, 26 अगस्त। ब्रिटेन से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां कब्रिस्तानों से इंसानी हड्डियां और खोपड़ियां चोरी हो रही हैं और उनका धड़ल्ले से ऑनलाइन कारोबार किया जा रहा है।
हैरानी की बात यह है कि यूके में फिलहाल इंसानी अवशेषों की बिक्री को लेकर कोई सख्त कानून नहीं है। इसी कानूनी खामियों का फायदा उठाकर यह काला बाजार तेजी से फल-फूल रहा है।
खोपड़ियां, ममीकृत अंग और इंसानी चमड़े की डिमांड
ब्रिटिश मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कुछ ऑनलाइन शॉप्स और निच मार्केट्स में इंसानी खोपड़ी, हड्डियां और यहां तक कि ममीकृत अंग खुलेआम बेचे जा रहे हैं।
इतना ही नहीं, इंसानी चमड़े से बने वॉलेट और मास्क जैसी विचित्र वस्तुओं की भी मांग बढ़ रही है।
विशेषज्ञों का कहना है कि इन चीजों को लोग “सुपरनैचुरल” या रहस्यमयी वस्तुएं मानकर खरीद रहे हैं।
फॉरेंसिक वैज्ञानिकों ने जताई चिंता
मशहूर फॉरेंसिक वैज्ञानिक डेम सू ब्लैक ने इस ट्रेंड को बेहद खतरनाक बताया।
उनके मुताबिक यह चलन सीधे-सीधे “बॉडी स्नैचिंग” यानी शव चोरी को बढ़ावा दे रहा है।
उन्होंने सवाल उठाया – जब पक्षियों के घोंसले या जानवरों की हड्डियों की बिक्री गैरकानूनी हो सकती है, तो इंसानी शरीर की खरीद-फरोख्त क्यों नहीं रोकी जाती?
सू ब्लैक ने कहा – “रेस्ट इन पीस का मतलब यही है कि मृत्यु के बाद व्यक्ति को शांति मिले। लेकिन कब्रों से शव निकालकर उनकी हड्डियां बेचना मृतकों का अपमान है।”
सोशल मीडिया से बढ़ रहा बाजार
कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी की विशेषज्ञ डॉ. ट्रिश बियर्स ने बताया कि हाल के वर्षों में सोशल मीडिया ने इस तरह के कारोबार को और बढ़ावा दिया है।
ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर लोग न सिर्फ अवशेष खरीद रहे हैं, बल्कि उनकी तस्वीरें और वीडियो भी शेयर कर रहे हैं।
कानून बेबस क्यों?
यूके के कानून में कब्र की बेअदबी (Desecration) अपराध माना जाता है, लेकिन मानव अवशेषों को ‘संपत्ति’ की श्रेणी में नहीं रखा गया है।
इस वजह से तकनीकी तौर पर उनकी चोरी साबित करना मुश्किल हो जाता है। यही वजह है कि अपराधी कब्रिस्तान से हड्डियां निकालकर बेच देते हैं, और खरीदारों पर कोई कार्रवाई नहीं हो पाती।