सीजी भास्कर, 01 अक्टूबर। चार दिन पहले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा बीएसएनएल के स्वदेशी 4जी टावरों (Border Village Internet) का उद्घाटन होने के साथ ही देश की सीमा सुरक्षा से जुड़े क्षेत्रों में एक बड़ा बदलाव आया है। लंबे समय से जिस सुविधा का इंतजार था, आखिरकार वह अब साकार हो गया है।
अब सीमा पर तैनात जवान न केवल वीडियो कॉल कर सकेंगे, बल्कि ग्रामीण भी पहली बार डिजिटल सेवाओं से सीधे जुड़ पाएंगे। मोबाइल नेटवर्क की यह सुविधा सौर ऊर्जा से संचालित टावरों के जरिए मिलेगी, जिससे पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा। (Border Village Internet)
भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे राजस्थान के जैसलमेर जिले के 56 गांव अब इंटरनेट सेवा से जुड़ गए हैं। यहां मोबाइल फोन पर बात करना भी मुश्किल था। बीएसएफ की सीमा चौकियों पर भी 4जी नेटवर्क के साथ 49 टावर शुरू हो गए हैं। ग्रामीण और जवान बिना रुके न केवल यूट्यूब आसानी से एक्सेस कर पाएंगे, बल्कि वीडियो कॉल भी कर सकेंगे। (Border Village Internet)
बीएसएनएल के जोधपुर क्षेत्रीय कार्यालय के महाप्रबंधक एनआर बिश्नोई ने बताया कि जैसलमेर की अभयवाला, टैंक किल, मुरार, विनोद एवं एमकेटी सहित 91 सीमा चौकियों पर मोबाइल नेटवर्क के टावर लगाए गए हैं। इनमें से 49 टावरों पर स्वदेशी तकनीक से विकसित 4जी नेटवर्क शुरू कर दिया गया है, जबकि बाकी टावर अगले एक महीने में चालू होंगे। बीएसएफ राजस्थान फ्रंटियर के महानिरीक्षक एमएल गर्ग ने कहा कि इन टावरों से अंतरराष्ट्रीय सीमा से 200 मीटर दूर तक नेटवर्क की उपलब्धता हो गई है। (Border Village Internet)
उधर, सीमावर्ती इलाके के जीवराज सिंह की ढाणी, हरनाऊ, करम वाला, झंडा खारा, गणेशाऊ, कोठा आदि गांवों में अब 4जी नेटवर्क से जुड़ाव हो गया है। ग्रामीणों ने कहा कि शादी-ब्याह, सरकारी नौकरी की जानकारी, ऑनलाइन फार्म भरने और स्वास्थ्य सेवाओं में आने वाली कठिनाइयाँ अब काफी हद तक दूर हो जाएंगी।


