▶️ भिलाई के पीस ऑडिटोरियम में ‘नवदशकोत्सव’ के उपलक्ष्य में मीडिया स्नेह मिलन
▶️ 140 देशों में 8000 केंद्रों के माध्यम से नि:स्वार्थ सेवाएं दे रही है संस्था: आशा दीदी
▶️ मीडिया सदस्यों ने राजयोग मेडिटेशन और आध्यात्मिक खेलों का उठाया आनंद
सीजी भास्कर, 18 मार्च। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय द्वारा संस्था की स्थापना (Brahma Kumaris 90 Years Celebration) के 90वें वर्ष (नवदशकोत्सव) पर सेक्टर-7 स्थित ‘पीस ऑडिटोरियम’ में एक विशेष मीडिया परिचर्चा एवं स्नेह मिलन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर भिलाई के वरिष्ठ पत्रकारों और मीडिया जगत के प्रबुद्धजनों ने शिरकत की।

Brahma Kumaris 90 Years Celebration : 90 वर्षों की आध्यात्मिक यात्रा
भिलाई सेवा केंद्रों की निदेशिका ब्रह्माकुमारी आशा दीदी ने संस्था की ऐतिहासिक यात्रा पर प्रकाश डालते हुए बताया कि इस ईश्वरीय यज्ञ की शुरुआत 1936 में सिंध (वर्तमान पाकिस्तान) में पिताश्री ब्रह्मा बाबा के माध्यम से हुई थी।

बाबा ने अपनी संपूर्ण संपत्ति माताओं और बहनों के ट्रस्ट को समर्पित कर नारी शक्ति को विश्व परिवर्तन का आधार बनाया। उन्होंने बताया कि आज यह संस्था विश्व के 140 देशों में 8000 से अधिक केंद्रों के माध्यम से तनाव प्रबंधन और सकारात्मक जीवनशैली की नि:शुल्क सेवाएं दे रही है।

नकारात्मक खबरों के प्रभाव से मुक्ति : Brahma Kumaris 90 Years Celebration
वरिष्ठ राजयोग शिक्षिका ब्रह्माकुमारी प्राची ने मीडिया कर्मियों की चुनौतीपूर्ण कार्यशैली पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि मीडिया सदस्य दिन भर नकारात्मक खबरों के बीच रहते हैं। उन्हें अपने कार्य से ‘न्यारा’ होकर अपना पार्ट बजाना सीखना चाहिए।

उन्होंने अभिनेता पुनीत इस्सर का उदाहरण देते हुए समझाया कि यदि कलाकार अपने नकारात्मक पात्र से बाहर न निकले, तो जीवन तनावपूर्ण हो जाता है। उन्होंने सभी को गहन राजयोग मेडिटेशन का अभ्यास कराया और बताया कि कर्म करते हुए भी परमात्मा की स्मृति में रहकर खुद को हल्का रखा जा सकता है।

रचनात्मक गतिविधियां और खेल
कार्यक्रम का शुभारंभ डिवाइन ग्रुप के बच्चों द्वारा ‘यह कौन आया रोशन हो गई महफिल’ गीत पर मनमोहक स्वागत नृत्य से हुआ। सभी मीडिया सदस्यों को “मैं हल्का रहता हूँ” और “मैं बच्चा बनकर अपनी बात परमात्मा (Brahma Kumaris 90 Years Celebration) को बताता हूँ” जैसे प्रेरणादायक बैज लगाए गए।

पत्रकारों ने विभिन्न खेलों के माध्यम से तनाव मुक्त होकर ‘परमात्मा के बच्चे‘ के रूप में आनंद लिया। संस्था द्वारा समाज हित में की जा रही सेवाओं पर आधारित एक विशेष डॉक्यूमेंट्री दिखाई गई।
इस स्नेह मिलन का मुख्य उद्देश्य मीडिया जगत से जुड़े लोगों को मानसिक शांति का अनुभव कराना और उन्हें समाज में सकारात्मकता फैलाने के लिए प्रेरित करना था।





