सीजी भास्कर, 21 दिसंबर। केंद्र सरकार ने आगामी बजट 2026-27 को अधिक प्रभावी और जनमुखी बनाने के उद्देश्य से जनता से सीधे सुझाव मांगने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। सरकार का लक्ष्य है कि बजट निर्माण में आम नागरिकों की सोच शामिल हो, जिससे नीतियां और योजनाएं वास्तव में लोगों की जरूरतों और अपेक्षाओं के अनुरूप बन सकें।
जनता अपने सुझाव माईजीओवी इंडिया पोर्टल के माध्यम से भेज सकती है, जिसे सरकार ने एक महत्वपूर्ण लोकतांत्रिक भागीदारी का अवसर बताया है। यह कदम (Budget 2026 Suggestions) को नई दिशा देने वाला माना जा रहा है।
माईजीओवी इंडिया की ओर से जारी एक्स पोस्ट में लिखा गया है, “जनता की अंतर्दृष्टि के साथ बजट निर्माण संघीय बजट 2026-27 के लिए अपने सुझाव साझा करें और समावेशी विकास तथा राष्ट्रीय प्रगति को बढ़ावा देने वाली नीतियों के निर्माण में योगदान दें।” इससे नागरिकों को एक सक्रिय भूमिका मिल रही है, जो (Budget 2026 Suggestions) की पारदर्शिता और जवाबदेही को मजबूत करती है।
वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण आगामी बजट को लेकर कई दौर की पूर्व-परामर्श बैठकें कर चुकी हैं। औद्योगिक संगठनों ने भी अपने सुझाव प्रस्तुत किए हैं, जिनमें छोटे और मध्यम व्यवसायों के लिए आसान कर नीति, सस्ती ऋण व्यवस्था और नियमों को सरल बनाए जाने जैसी मांगें शामिल हैं। इन विचारों को बजट तैयार करने में उपयोगी आधार माना जा रहा है और इसे (Budget 2026 Suggestions) से जुड़ी महत्वपूर्ण तैयारी का हिस्सा बताया गया है।
आम बजट एक फरवरी 2026 को पेश किए जाने की संभावना है। आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार का बजट प्रमुख रूप से निवेश, रोजगार, डिजिटल ढांचा और विनिर्माण क्षेत्र पर केंद्रित हो सकता है। जनता की भागीदारी से बजट दस्तावेज और अधिक व्यापक, व्यावहारिक और प्रभावशाली बनने की उम्मीद है।





