छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के बीच, राज्य का बजट पेश होने से ठीक पहले विधानसभा परिसर स्थित सभाकक्ष में मंत्री परिषद की अहम बैठक शुरू हो गई। बैठक की अध्यक्षता मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय कर रहे हैं। सत्ता पक्ष के वरिष्ठ मंत्री एक-एक कर सभाकक्ष में पहुंचे, और बजट से जुड़े अंतिम बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा शुरू हुई। प्रशासनिक गलियारों में इस बैठक को (Budget Cabinet Meeting Chhattisgarh) के लिहाज से निर्णायक माना जा रहा है।
बजट प्रस्तावों पर अंतिम मुहर की तैयारी
सूत्रों के अनुसार, इस बैठक में वित्त वर्ष के लिए प्रस्तावित बजट प्रावधानों, नई योजनाओं की रूपरेखा, तथा चल रही विकास परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की जा रही है। सरकार का फोकस ग्रामीण बुनियादी ढांचे, युवाओं के लिए रोजगार के अवसर, और आदिवासी क्षेत्रों में बुनियादी सेवाओं के विस्तार पर बताया जा रहा है। इन बिंदुओं को अंतिम रूप देते हुए कैबिनेट ने (Budget Cabinet Meeting Chhattisgarh) के एजेंडे को प्राथमिकता पर रखा है।
वित्त मंत्री बजट पेश करने को तैयार
बैठक के समापन के बाद सदन में वित्त मंत्री ओपी चौधरी बजट पेश करेंगे। माना जा रहा है कि इस बार का बजट सामाजिक कल्याण, अधोसंरचना और निवेश आकर्षण पर केंद्रित रहेगा। सत्ता पक्ष के रणनीतिकारों का दावा है कि बजट में कुछ ऐसे प्रावधान होंगे, जो आने वाले वर्षों की आर्थिक दिशा तय करेंगे — इसे (Budget Cabinet Meeting Chhattisgarh) के फैसलों से जोड़कर देखा जा रहा है।
विधानसभा में बढ़ी हलचल, विपक्ष की नजर
कैबिनेट बैठक की खबर फैलते ही विधानसभा परिसर में राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई। विपक्षी दलों की नजर भी बजट की प्राथमिकताओं पर टिकी है। माना जा रहा है कि बजट पेश होने के बाद सदन में तीखी बहस देखने को मिल सकती है। राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक, सरकार की आर्थिक सोच और विकास एजेंडा की असली तस्वीर (Budget Cabinet Meeting Chhattisgarh) के बाद सामने आएगी।






