सीजी भास्कर 24 फ़रवरी राजधानी में बजट पेश होने से पहले वित्त मंत्री ने सादगी के साथ मंदिर पहुंचकर पूजा-अर्चना की। इस मौके पर उनकी पत्नी भी मौजूद रहीं। पूजा के बाद उन्होंने प्रदेश की सुख-समृद्धि और शांतिपूर्ण विकास की कामना की। यह परंपरा (Budget Ritual Chhattisgarh) को लेकर हर बार जनभावनाओं से जुड़ती दिखती है, और आज भी वही दृश्य देखने को मिला।
मंदिर से सीधे वे विधानसभा के लिए रवाना हुए। तय कार्यक्रम के अनुसार दोपहर 12:30 बजे राज्य का बजट सदन में रखा जाएगा। बजट से पहले का यह धार्मिक अनुशासन (Budget Ritual Chhattisgarh) के रूप में राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बना रहा, क्योंकि इसे शुभ संकेत के तौर पर देखा जाता है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने वित्त वर्ष 2026–27 के बजट को प्रदेश के समग्र विकास की दिशा में अहम कदम बताया। उन्होंने कहा कि नवीन विधानसभा भवन में पेश होने जा रहा सरकार का तीसरा बजट विकसित छत्तीसगढ़ के विज़न को मजबूती देगा। सरकार का रुख (Budget Ritual Chhattisgarh) के साथ सुशासन और समावेशी विकास पर केंद्रित रहने का संकेत देता है।
सूत्रों के मुताबिक इस बार का बजट प्रशासनिक सुधार, डिजिटल गवर्नेंस और टेक्नोलॉजी के व्यापक उपयोग पर केंद्रित रह सकता है। सरकारी योजनाओं की मॉनिटरिंग, ऑनलाइन सेवाओं के विस्तार और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए खास प्रावधानों की उम्मीद है। इंफ्रास्ट्रक्चर और इंडस्ट्रियल ग्रोथ को रफ्तार देने के संकेत भी (Budget Ritual Chhattisgarh) के संदर्भ में अहम माने जा रहे हैं।






