सीजी भास्कर, 03 दिसंबर | केंदा घाटी के खतरनाक मोड़ पर मंगलवार शाम Bus Accident Kenda Valley ने हड़कंप मचा दिया। मरवाही से बिलासपुर आ रही यात्री बस अचानक कंक्रीट वॉल से टकराई और नियंत्रण खोते ही खाई की ओर झुक गई। किस्मत से सड़क किनारे मौजूद एक पेड़ ने उसे थाम लिया, वरना 40 फीट नीचे गिरने पर दर्जनों जानें जा सकती थीं।
जर्जर सड़क और मोड़ का दबाव, अचानक बेकाबू हुई बस
यात्रियों के मुताबिक, घाटी के इस हिस्से में सड़क लंबे समय से खराब है। पेंड्रा–गौरेला पार करने के बाद जैसे ही बस कारीआम से आगे बढ़ी, मोड़ पर गड्ढे में पहिया फंस गया और वाहन झटके के साथ उछलकर एक तरफ जा झुका। (Road Condition Hazard)
तेजी से मुड़ते हुए बस कंक्रीट वॉल से भिड़ गई और फिसलते हुए पेड़ के सहारे रुक पाई।
अंदर अफरा-तफरी, यात्री एक तरफ गिर पड़े; ड्राइवर कूदकर भागा
टक्कर के बाद बस एक ओर झुक गई, जिससे कई यात्री एक ही तरफ गिर पड़े। लोगों ने जैसे-तैसे दरवाजे खोलकर बाहर निकलना शुरू किया।
घटना के तुरंत बाद ड्राइवर बस से कूदकर फरार हो गया। यात्रियों का कहना है कि हादसे से ठीक पहले वह तेज रफ्तार में ही घाटी उतर रहा था।
यशपाल कंवर की मौके पर मौत, पांच घायल; एक की हालत गंभीर
घायल यात्रियों को बाहर निकालकर मदद पहुंचाई गई। केंदा सेमरी निवासी 20 वर्षीय यशपाल कंवर को गंभीर चोटें आई थीं। रतनपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
पांच अन्य लोग घायल हुए हैं, जिनमें एक की स्थिति चिंताजनक बताई जा रही है।
31 यात्री थे सवार, कई ने कहा—पेड़ नहीं होता तो सब खत्म हो जाते
गाड़ी में सवार राजकुमार ने बताया कि “सड़क इतनी टूटी हुई थी कि बस बार–बार झटके खा रही थी। मोड़ पर अचानक पहिया गड्ढे में फंसा और बस सीधे ढलान की ओर मुड़ी। पेड़ नहीं होता, तो हम सब 40 फीट नीचे होते।”
यात्रियों ने यह भी कहा कि घाटी का यह हिस्सा हमेशा दुर्घटना की आशंका में रहता है, लेकिन सड़क की मरम्मत लंबे समय से नहीं हुई।
बेलगहना पुलिस जांच में जुटी, बस को उठाने के लिए क्रेन मंगाई गई
सूचना मिलते ही पुलिस और रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची। खाई के किनारे फंसी बस को विशेष क्रेन की मदद से हटाने की तैयारी की जा रही है।
घटना की प्राथमिक जांच में तेज रफ्तार, जर्जर सड़क और मोड़ की स्थिति हादसे का मुख्य कारण मानी जा रही है। (Hill Road Safety)
ड्राइवर की तलाश जारी है।





