सीजी भास्कर, 08 जुलाई। खेतों में जुताई और मिट्टी पलटने के लिए उपयोग किए जाने वाले केज व्हील (पिंजरा पहिया) लगे ट्रैक्टर अब सार्वजनिक सड़कों और सीमेंट रोड पर नहीं (Cage Wheel Tractor) चल सकेंगे। ऐसे ट्रैक्टर सड़क पर चलते पाए जाने पर परिवहन विभाग द्वारा मोटरयान अधिनियम के तहत चालानी कार्रवाई की जाएगी।
जिला परिवहन विभाग ने किसानों और ट्रैक्टर संचालकों को इस संबंध में चेतावनी जारी करते हुए नियमों का पालन करने की अपील की है। विभाग का कहना है कि केज व्हील का उपयोग केवल कृषि कार्यों के लिए खेतों तक सीमित रखा जाना चाहिए।
सड़क सुरक्षा और नुकसान को देखते हुए फैसला
परिवहन विभाग के अनुसार छत्तीसगढ़ शासन के निर्देश पर सभी जिला परिवहन अधिकारियों को सार्वजनिक सड़कों पर केज व्हील लगे ट्रैक्टरों का संचालन रोकने और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
विभाग ने बताया कि यह निर्णय बिलासपुर उच्च न्यायालय में दायर जनहित याचिका के बाद लिया गया है। याचिका में बताया गया था कि कृषि कार्यों के लिए बनाए गए केज व्हील का उपयोग कई जगहों पर सड़कों और राजमार्गों पर किया जा रहा है।
इससे सड़कें खराब होने के साथ-साथ दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ रहा है। परिवहन विभाग के मुताबिक सार्वजनिक मार्गों पर ऐसे ट्रैक्टरों का संचालन मोटरयान अधिनियम और निर्धारित नियमों के अनुरूप नहीं है।
खेत का काम पूरा होने के बाद हटाना होगा केज व्हील
परिवहन विभाग ने किसानों से अपील की है कि खेतों में जुताई या मिट्टी पलटने का काम पूरा होने के बाद ट्रैक्टर से केज व्हील हटाकर सामान्य रबर के टायर लगाए जाएं। इसके बाद ही ट्रैक्टर को सार्वजनिक सड़कों पर चलाया जाए। विभाग का कहना है कि इससे सड़कें सुरक्षित रहेंगी और दुर्घटनाओं की संभावना भी कम होगी।
उल्लंघन करने वालों पर होगी कार्रवाई
परिवहन विभाग ने स्पष्ट किया है कि समझाइश के बाद भी यदि कोई ट्रैक्टर चालक केज व्हील लगे ट्रैक्टर को सार्वजनिक सड़क पर चलाता हुआ पाया जाता है, तो उसके खिलाफ नियमानुसार चालान और अन्य विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने किसानों और वाहन संचालकों से नियमों का पालन करने की अपील करते हुए कहा है कि कृषि उपकरणों का उपयोग निर्धारित स्थान और उद्देश्य के अनुसार ही किया जाए।



