सीजी भास्राकर 5 फ़रवरी दुनिया की अग्रणी शैक्षणिक संस्थाओं में शुमार कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय ने भारतीय छात्रों के लिए एक अहम पहल की है। Cambridge University Admission नीति के तहत अब सीबीएसई बोर्ड से 12वीं पास छात्र कुछ अंडरग्रेजुएट कोर्स में अपने बोर्ड अंकों के आधार पर आवेदन कर सकेंगे। इससे उन छात्रों को नई दिशा मिलेगी, जो स्कूली शिक्षा भारत में पूरी कर वैश्विक स्तर की पढ़ाई का सपना देखते हैं।
अतिरिक्त परीक्षाओं की बाध्यता में राहत
अब तक कई विदेशी विश्वविद्यालयों में दाखिले के लिए भारतीय बोर्ड के छात्रों को अतिरिक्त प्रवेश परीक्षाएं या अलग योग्यता प्रमाण प्रस्तुत करना पड़ता था। Cambridge University Admission प्रक्रिया में किए गए इस बदलाव से आवेदन की राह पहले से अधिक सहज हो सकती है। यह निर्णय उन मेधावी छात्रों के लिए राहत लेकर आया है, जो अकादमिक क्षमता के बावजूद प्रक्रियात्मक जटिलताओं में उलझ जाते थे।
भारतीय टैलेंट को वैश्विक मंच
विश्वविद्यालय का मानना है कि भारत में पढ़ने वाले छात्र अकादमिक रूप से मजबूत होते हैं और वैश्विक शिक्षा वातावरण में योगदान देने की क्षमता रखते हैं। Cambridge University Admission के इस कदम को भारतीय टैलेंट पर भरोसे के रूप में देखा जा रहा है, जिससे शिक्षा के क्षेत्र में भारत की साख और मजबूत होगी।
रिसर्च और इनोवेशन को मिलेगा नया आधार
इस पहल के साथ कैम्ब्रिज और भारत के बीच शिक्षा व शोध सहयोग को भी विस्तार देने की तैयारी है। प्रस्तावित Cambridge University Admission से जुड़े शैक्षणिक कार्यक्रम रिसर्च, टेक्नोलॉजी और इनोवेशन जैसे क्षेत्रों में संयुक्त कार्य को प्रोत्साहित करेंगे। इससे भारतीय छात्रों को अत्याधुनिक रिसर्च सुविधाओं तक पहुंच मिलने की संभावना बढ़ेगी।
भारत-ब्रिटेन शैक्षणिक रिश्तों में नई कड़ी
कैम्ब्रिज-इंडिया सेंटर फॉर एडवांस स्टडीज के माध्यम से दोनों देशों के शिक्षाविद, शोधकर्ता और छात्र साझा परियोजनाओं पर काम कर सकेंगे। Cambridge University Admission के साथ जुड़ा यह कदम भारत की उभरती नॉलेज इकॉनमी को वैश्विक शिक्षा नेटवर्क से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।




