CBI Officer Fraud Call छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से साइबर ठगी का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां टैगोर नगर में रहने वाली एक रिटायर्ड महिला साइंटिस्ट को CBI Officer Fraud Call के नाम पर 42 लाख रुपये गँवाने पड़े। महिला के मुताबिक, कॉल करने वाले ने खुद को सीबीआई अधिकारी बताते हुए मनी लॉन्ड्रिंग की जांच का डर दिखाया और इसी बहाने भारी रकम अपने खाते में ट्रांसफर करवा ली।
कैसे फँसी रिटायर्ड साइंटिस्ट जाल में
पीड़िता का नाम पुष्पा अग्रवाल है, जो पहले चंडीगढ़ के एक विज्ञान संस्थान में चीफ साइंटिस्ट रह चुकी हैं। उन्होंने बताया कि 18 सितंबर को उनके पास फोन आया। शुरुआत में ठग ने खुद को TRAI का अधिकारी बताया और बाद में कहा कि वह सीबीआई से बोल रहा है। CBI Officer Fraud Call के दौरान महिला को धमकाते हुए कहा गया कि उनके बैंक अकाउंट का नाम मनी लॉन्ड्रिंग केस से जुड़ा है। इस डर से पुष्पा अग्रवाल ठग के झांसे में आ गईं।
धमकी का तरीका और 42 लाख की ठगी
आरोपियों ने महिला से कहा कि 3 करोड़ की मनी लॉन्ड्रिंग में इस्तेमाल हुआ खाता उनके नाम पर है और सीबीआई इसकी जांच कर रही है। उन्होंने तुरंत बैंक अकाउंट की “जांच” करने का दबाव बनाया और fraud call के जरिए महिला को पैसे ट्रांसफर करने पर मजबूर कर दिया। देखते ही देखते 42 लाख रुपये अलग-अलग खातों में ट्रांसफर हो गए।
पुलिस जांच और चेतावनी
मामले की शिकायत कोतवाली थाने में दर्ज की गई है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जांच शुरू हो चुकी है और आरोपियों का पता लगाने की कोशिश जारी है। साथ ही, उन्होंने नागरिकों को आगाह करते हुए कहा कि CBI Officer Fraud Call जैसे मामलों में सतर्क रहें। असली एजेंसियां कभी इस तरह फोन कर बैंक अकाउंट की डिटेल नहीं मांगतीं।
सोशल मीडिया और जनता की चिंता
घटना सामने आने के बाद रायपुर में लोगों के बीच चिंता बढ़ गई है। कई लोग इस बात से चिंतित हैं कि अगर शिक्षित और उच्च पदों पर काम कर चुकी महिला भी fraud call का शिकार हो सकती हैं, तो आम नागरिकों को कितना सतर्क रहना होगा। यह मामला एक बार फिर साबित करता है कि साइबर ठग नए-नए तरीके अपनाकर भोले-भाले लोगों को फँसा रहे हैं।





