बोर्ड परीक्षाओं के दौरान फैल रही (CBSE Paper Leak Rumor) को लेकर केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि हाल के दिनों में कुछ लोग जानबूझकर भ्रम फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। बोर्ड का कहना है कि परीक्षा की निष्पक्षता पर सवाल खड़े करना न सिर्फ गलत है, बल्कि छात्रों के मनोबल को भी तोड़ता है। ऐसे संदेशों पर भरोसा करने से पहले तथ्य जांचना जरूरी है।
Fake Question Paper के नाम पर ठगी का खेल
परीक्षा से ठीक पहले (Fake Question Paper) बताकर पीडीएफ या हाथ से लिखे पन्ने वायरल किए जाते हैं। ये कागज़ अक्सर हूबहू असली जैसे दिखते हैं, मगर इनमें दी गई जानकारी भ्रामक होती है। कई मामलों में छात्रों से “कन्फर्म पेपर” के नाम पर पैसे वसूले जाते हैं। बोर्ड ने चेताया है कि इस तरह के लालच में आना सीधे तौर पर साइबर ठगी को न्योता देना है।
सोशल मीडिया पर फैलता शोर, सच तक कैसे पहुंचें
भ्रामक पोस्ट और फॉरवर्ड अक्सर YouTube, WhatsApp और Telegram जैसे प्लेटफॉर्म पर तेज़ी से फैलते हैं। (Board Exam Advisory) के तहत छात्रों को सलाह दी गई है कि किसी भी स्क्रीनशॉट, ऑडियो क्लिप या “लीक” के दावे को बिना आधिकारिक पुष्टि के आगे न बढ़ाएं। अफवाह जितनी तेजी से फैलती है, उतना ही नुकसान करती है।
कानूनी शिकंजा: अफवाह फैलाने वालों पर कार्रवाई
बोर्ड ने साफ किया है कि झूठी सामग्री बनाना, साझा करना या बेचने की कोशिश करना कानूनन अपराध है। (Cyber Fraud Alert) के तहत ऐसे मामलों में संबंधित धाराओं के अंतर्गत केस दर्ज किया जा सकता है। प्रशासनिक एजेंसियों के साथ समन्वय कर डिजिटल ट्रेल की जांच की जाती है, ताकि संगठित ठगी के नेटवर्क तक पहुंचा जा सके।
छात्रों के लिए रोडमैप: शोर से दूरी, तैयारी पर फोकस
परीक्षा के दिनों में अनावश्यक सूचनाओं से दूरी बनाकर पढ़ाई की योजना पर टिके रहना ही सबसे सुरक्षित रास्ता है। (CBSE Paper Leak Rumor) जैसे शब्द दिखें तो ठहरकर सोचें, स्रोत जांचें, और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करें। तनाव कम रखने के लिए छोटे ब्रेक लें, मॉक-टेस्ट करें, और तय समय पर रिविजन पूरा करें—यही जीत की रणनीति है।






