सीजी भास्कर, 7 जनवरी। छत्तीसगढ़ में जनगणना 2027 (Census 2027 Chhattisgarh) की तैयारियां जोर पकड़ रही हैं। इस बार यह गणना पूरी तरह डिजिटल प्लेटफॉर्म पर की जाएगी, जिससे डेटा संग्रह, निगरानी और प्रबंधन में अधिक पारदर्शिता और तेजी आएगी। राज्य स्तरीय जनगणना समन्वय समिति (SLCCC) की पहली बैठक मंगलवार (6 जनवरी) को मुख्य सचिव विकास शील की अध्यक्षता में संपन्न हुई, जिसमें सभी विभागों को आगामी जनगणना की रूपरेखा और जिम्मेदारियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।
बैठक में निर्णय लिया गया कि छत्तीसगढ़ में (Census 2027 Chhattisgarh) के लिए गृह विभाग नोडल विभाग के रूप में कार्य करेगा और केंद्रीय जनगणना निदेशालय, भारत सरकार तथा राज्य के विभिन्न विभागों के बीच समन्वय की जिम्मेदारी निभाएगा। निदेशक जनगणना, कार्तिकेय गोयल ने पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से जनगणना के डिजिटल रोडमैप, चरणबद्ध कार्ययोजना और संगठनात्मक ढांचे की विस्तृत जानकारी प्रदान की।
मोबाइल ऐप से डेटा संग्रह
निदेशक ने बताया कि यह देश की पहली पूरी तरह डिजिटल जनगणना होगी। डेटा संग्रह (Census 2027 Chhattisgarh) मोबाइल ऐप के माध्यम से किया जाएगा, जबकि निगरानी और प्रबंधन वेब पोर्टल के जरिए होगा। नागरिकों को स्व-गणना (Self Enumeration) की सुविधा भी मिलेगी, जिससे वे अपनी जानकारी स्वयं दर्ज कर सकेंगे। इसके लिए केंद्र सरकार द्वारा वित्तीय और तकनीकी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएंगी।
63 हजार कर्मचारियों की लगेगी ड्यूटी
बैठक में यह भी बताया गया कि (Census 2027 Chhattisgarh) के सफल आयोजन के लिए राज्य में लगभग 63 हजार प्रगणक और पर्यवेक्षक सहित प्रशासनिक कार्मिक तैनात होंगे। इससे बड़े पैमाने पर मकान सूचीकरण और जनसंख्या डेटा संग्रह सुनिश्चित होगा।
जनगणना के पहले चरण से पूर्व-परीक्षण नवंबर 2025 में कबीरधाम जिले के कुकदूर, महासमुंद जिले की महासमुंद तहसील और रायपुर नगर निगम के एक वार्ड में सफलतापूर्वक किया जा चुका है। इन अनुभवों का लाभ आगामी (Census 2027) में लिया जाएगा और प्रक्रिया को और अधिक सटीक बनाया जाएगा।
1 अप्रैल से शुरू होगी गणना
मुख्य सचिव ने बताया कि (Census 2027 Chhattisgarh) का पहला चरण 1 अप्रैल से शुरू होगा और 30 सितंबर 2026 तक मकान सूचीकरण और मकानों की गणना का कार्य पूरा किया जाएगा। इस दौरान मानसून और शैक्षणिक कैलेंडर को ध्यान में रखते हुए अवधि निर्धारित की गई है। दूसरे चरण में फरवरी 2027 में देशभर में एक साथ जनसंख्या गणना की जाएगी। इसके मद्देनज़र स्कूल शिक्षा विभाग को शैक्षणिक कैलेंडर तैयार करने और समन्वय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
सभी विभागों से सक्रिय सहयोग की अपील
मुख्य सचिव विकास शील ने कहा कि (Census 2027) राज्य की भविष्य की नीतियों और योजनाओं की आधारशिला है। उन्होंने सभी विभागों से मिशन मोड में समन्वय के साथ कार्य करने और जनता से जनगणना प्रक्रिया में सक्रिय सहयोग की अपील की। बैठक में अपर मुख्य सचिव गृह एवं राज्य नोडल अधिकारी (जनगणना) मनोज पिंगुआ, निदेशक जनगणना कार्य निदेशालय कार्तिकेय गोयल, एनआईसी और विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।


