सीजी भास्कर, 07 जून : बस्तर से रायपुर सफर करने वाले यात्रियों ने निजी बस संचालकों (CG Bus Fare Hike) पर मनमाने तरीके से किराया बढ़ाने का गंभीर आरोप लगाया है। यात्रियों का दावा है कि बिना किसी आधिकारिक आदेश या किराया सूची जारी हुए उनसे निर्धारित दरों से अधिक राशि वसूली जा रही है। डीजल कीमतों में बढ़ोतरी का हवाला देकर निजी बस ऑपरेटर यात्रियों की जेब पर अतिरिक्त बोझ डाल रहे हैं।
रायपुर रूट पर 200 रुपए तक बढ़ा किराया
यात्रियों (CG Bus Fare Hike) के मुताबिक कुछ समय पहले तक जगदलपुर से रायपुर जाने वाली दिन की बसों का किराया 450 से 500 रुपए और रात्रिकालीन बसों का किराया 650 से 700 रुपए तक था। लेकिन अब दिन की बसों में 600 से 650 रुपए और रात की बसों में 850 से 900 रुपए तक वसूले जा रहे हैं।
इस तरह प्रत्येक यात्री से 150 से 200 रुपए तक अतिरिक्त राशि ली जा रही है। यात्रियों का आरोप है कि ऑनलाइन या एजेंट के माध्यम से टिकट बुकिंग के दौरान एक किराया बताया जाता है, लेकिन यात्रा के समय अतिरिक्त रकम मांगी जाती है।
दूसरे रूटों पर भी बढ़ी शिकायतें
यात्रियों का कहना है कि यह समस्या केवल रायपुर रूट तक सीमित नहीं है। जगदलपुर से सुकमा, दंतेवाड़ा, बीजापुर और अन्य जिलों के लिए चलने वाली कुछ निजी बसों में भी निर्धारित किराए से अधिक राशि वसूले जाने की शिकायतें मिल रही हैं। पड़ोसी राज्यों के लिए संचालित बस सेवाओं में भी यात्रियों को बढ़ा हुआ किराया चुकाना पड़ रहा है।
हालांकि बस संचालकों का कहना है कि डीजल, स्पेयर पार्ट्स, टायर और संचालन लागत में लगातार बढ़ोतरी के कारण किराए में संशोधन करना पड़ा है।
यात्रियों ने उठाए सवाल
स्थानीय मार्गों पर संचालित अधिकांश बसों में किराए में कोई विशेष बढ़ोतरी नहीं हुई है। ऐसे में यात्रियों का सवाल है कि यदि संचालन लागत बढ़ी है तो केवल कुछ लंबी दूरी वाले रूटों पर ही किराया क्यों बढ़ाया गया है। यात्रियों ने परिवहन विभाग से मामले की जांच कर कार्रवाई करने की मांग की है।
परिवहन विभाग ने दिए जांच के आदेश
मामले को गंभीरता से लेते हुए परिवहन विभाग ने जांच शुरू कर दी है। क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी डीसी बंजारे ने बताया कि उड़नदस्ता टीम को विभिन्न बसों में वसूले जा रहे किराए की जांच करने और निर्धारित दरों से उसका मिलान करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि जांच रिपोर्ट मिलने के बाद यदि किराया वसूली में अनियमितता पाई जाती है तो संबंधित बस संचालकों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।



